नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में क्रिकेट के अलावा और भी खेलों को बढ़ावा देने की जरूरत है। इसके लिए जिला स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने आज गुजरात के कच्छ में पर्यटन खेल एवं युवा मामले विभागों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सम्बोधित करते हुए ये बात कही है। Also Read - WB Assembly Elections 2021: दिलीप घोष ने किया कंफर्म, सौरव गांगुली भाजपा में नहीं हो रहे शामिल

प्रधानमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए ढांचागत सुधारों पर बल देने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र के साथ साथ राज्य सरकारें भी अपने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने में प्रयासरत रहती हैं। इसके लिए जरूरी है कि जिला स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान की जाए और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सहायक माहौल भी दिया जाए। उन्होंने कहा क्रिकेट की ही तरह बाकी खेलों के लिए माहौल देना जरूरी है। Also Read - मैरीटाइम इंडिया समिट 2021: पीएम मोदी ने कहा- भारत विकास कर रहा है, दुनिया के देश आएं और इसका हिस्सा बनें

उन्होंने कहा, ‘सभी सीमाओं से बाहर निकलकर हमें यह महसूस करने की जरूरत है कि किस तरह युवा शक्ति का उपयोग बेहतर भारत बनाने के लिए किया जाए। देश की अधिकांश जनसंख्या 35 वर्ष की आयु से कम है।’ Also Read - पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा- रवींद्र जडेजा सोच रहे होंगे उनकी चोट ठीक होने में इतना समय क्यों लग रहा है

भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता सबसे ज्यादा है और यही वजह है कि यहां का क्रिकेट बोर्ड BCCI दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड है। हांलाकि अभी क्रिकेट के IPL की तरह हॉकी फुटबॉल, कुश्ती और कबड्डी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं लेकिन अभी भी क्रिकेट का दबदबा है। यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद ज्योतिरादित्य संजय जगदाले का BCCI में पहुंचने का रास्ता साफ

अभी कुछ दिनों पहले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर आए अपने पुर्तगाली समकक्ष से पीएम मोदी ने दोंनों देशों के बीच फुटबॉल को बढ़ावा देने की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोंनों देशों के बीच खिलाड़ियों का आदान प्रदान किया जाए ताकि भारत में फुटबॉल को बढ़वा मिल सके। इस बार ओलम्पिक में भारत की झोली में सिर्फ 2 मैडल आए इस वजह से बाकी खेलों को बढ़ावा देना बहुत आवश्यक है।