पिछले सप्ताह इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने वाले भारत के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा को इस बात का मलाल है कि उन्हें देश के लिए और क्रिकेट खेलने को नहीं मिला. प्रज्ञान ने भारत की ओर से 24 टेस्ट मैचों में 113 विकेट चटककाए जबकि 18 वनडे इंटरनेशनल मैचों में उनके नाम 21 विकेट दर्ज हैं. उन्होंने टीम इंडिया की ओर से 6 टी20 इंटरनेशनल मैचों में कुल 10 विकेट अपने नाम किए. Also Read - Veda Krishnamurthy पर टूटा दुखों का पहाड़, मां के बाद कोरोना ने छीनी अब बहन की जिंदगी

‘देखना चाहता हूं कि सचिन तेंदुलकर के रनों के पहाड़ को कौन पार करेगा’ Also Read - क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी, सितंबर में खेले जाएंगे IPL मैच!

भारतीय टीम के बाएं हाथ के पूर्व स्पिनर ओझा अब विदेशी टी20 लीगों में खेलने के इच्छुक हैं जिसके विकल्पों की तलाश के लिए वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की अनुमति लेंगे. ओझा इस समय मुंबई में डीवाई पाटिल टी20 कप में कमेंट्री कर रहे हैं. Also Read - IPL स्थगित, स्वेदश वापसी को लेकर दुविधा में Pat Cummins

ओझा से जब पूछा गया कि क्या उन्हें अपने करियर में कोई पछतावा है तो उन्होंने कहा, ‘शायद भारत के लिए और क्रिकेट खेला होता.’ 33 वर्षीय प्रज्ञान ने अपना अंतिम नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज गे खिलाफ मुंबई में खेला था जबकि उनका अंतिम वनडे श्रीलंका के खिलाफ 24 जुलाई 2012 में था.

रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल, फाइनल मैचों में इस्तेमाल होगा DRS लेकिन ये है शर्त

बकौल ओझा, ‘मेरे दिमाग में कई चीजें हैं. मैं अभी कमेंट्री कर रहा हूं और बीसीसीआई के साथ हूं. मैं बीसीसीआई से सलाह लूंगा कि क्या मैं भारत से बाहर कुछ लीगों में खेल सकता हूं. मैं ऐसा तभी करूंगा जब मुझे इसके लिए अनुमति मिलेगी.’