टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारत की 23 साल की महिला गोल्फर अदिति अशोक (Aditi Ashok) को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की ओर से सराहना मिली।Also Read - Kaun Banega Crorepati 13 में होगी 'गोल्डन ब्यॉय' Neeraj Chopra और पीआर श्रीजेश की एंट्री, मचेगा धमाल

अदिति टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं। चौथे राउंड के अंतिम क्षणों में की गई कुछ गलतियां अदिति को पदक से दूर ले गईं। वो तीन राउंड तक पदक की दौड़ में बनी हुई थीं। Also Read - Neeraj Chopra का सपना पूरा, माता-पिता को पहली बार कराया 'हवाई सफर'

चौथा स्थान भी अदिति के लिए हर मायने में सराहनीय कहा जाएगा। अपना दूसरा ओलंपिक खेल रहीं अदिति रियो ओलंपिक में 41वें स्थान पर रही थीं। लेकिन टोक्यो में अदिति ने शुरू से ही शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे राउंड की समाप्ति तक टॉप-3 में बनी रहीं। Also Read - उत्कृष्टता हासिल करने के लिए विराट कोहली को फॉलो करना चाहते हैं पीआर श्रीजेश

चार राउंड में 15-अंडर स्कोर 269 जुटाने वाली 23 साल की अदिति से पहले यह मुकाम कोई भारतीय हासिल नहीं कर सका है। भारत के लिए खेलों में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा, जिमनास्ट दीपा करमाकर और निशानेबाज जॉयदीप कर्माकर ने जो मुकाम हासिल किया है, अदिति का प्रदर्शन हर लिहाज से उससे मेल खाता है।

अदिति के इस प्रदर्शन को सराहते हुए राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, अच्छा खेलीं, अदिति अशोक! भारत की एक और बेटी ने अपनी पहचान बनाई! आपने आज के ऐतिहासिक प्रदर्शन से भारतीय गोल्फ को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। आपने बेहद शांत और शिष्टता के साथ खेला है। धैर्य और कौशल के प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए बधाई।

विश्व की नंबर-1 अमेरिका की एलपीजीए चैम्पियन नेली कोर्डा ने17-अंडर स्कोर 267 के स्कोर के साथ इस इवेंट का स्वर्ण जीता जबकि रजत जापान की मोने इनामी के खाते में गया। मोने ने तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ मुकाबले में न्यूजीलैंड की लीडिया को हराया।

भारत की एक अन्य गोल्फर दीक्षा डागर हालांकि प्रभावित नहीं कर सकीं। दीक्षा 60 गोल्फरों के बीच संयुक्त रूप से 50वें स्थान पर रहीं।

प्रधानमंत्री ने अदिति के प्रदर्शन को सराहते हुए ट्वीट किया, वेल प्लेड अदिति अशोक! आपने टोक्यो ओलंपिक के दौरान जबरदस्त कौशल और संकल्प दिखाया है। एक पदक बहुत कम अंतर से रह गया लेकिन आप किसी भी भारतीय से आगे निकल गई हैं। आपके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।

अदिति ने बेशक चौथा स्थान हासिल किया लेकिन उनका यह प्रदर्शन भारतीय गोल्फ ही नहीं बल्कि ओलंपिक प्रदर्शनों के लिहाज से भी एक मील का पत्थर है। इसे उच्च श्रेणी में रखा जाएगा और जब भी किसी महिला एथलीट के ओलंपिक परफार्मेंस की बात की जाएगी तो अदिति का नाम जरूर लिया जाएगा।

भारत के ओलंपिक इतिहास में ऐसे कई मौके आए हैं जब हमारे एथलीट बहुत कम अंतर से पदक से चूके हैं। अदिति का भी नाम इसमें जुड़ गया है।

इन एथलीटों में सबसे पहला नाम मरहूम मिल्खा सिंह का आता है जो 1960 के रोम ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे। इसके बाद पीटी ऊषा (1984 लॉस एंजेलिस), गुरचरण सिंह (सिडनी, 2000), लिएंडर पेस-महेश भूपति (एथेंस 2004), जयदीप करमाकर (लंदन 2012), अभिनव बिंद्रा, दीपा करमाकर और रोहन बोपन्ना-सानिया मिर्जा (सभी रियो 2016) का नाम आता है।

अदिति के इसी प्रयास को सलाम करते हुए खेल मंत्री ने ट्वीट किया, ओलंपिक खेलों में चौथे स्थान पर रहने वाली भारत की पहली महिला गोल्फर! अदिति अशोक, टोक्यो 2020 में अपने अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए एक स्टैंडिंग ओवेशन की हकदार हैं। आपने लगातार अच्छा खेला और हमें अंत तक अपनी सांस रोक रखे रहने को मजबूर किया। आपने इतिहास रच दिया, भविष्य की शुभकामनाएं।