कोरोनावायरस (Coronavirus) के चलते खेल सबंधित सभी गतिविधियां बंद हैं, जिसके कारण कोई भी खिलाड़ी मैदान पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने नहीं जा पा रहा है. युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) को डोपिंग टेस्‍ट में पॉजीटिव पाए जाने के कारण पिछले साल सक्रिय क्रिकेट से दूर होना पड़ा था. उन्‍होंने प्रतिबंध के कारण क्रिकेट से दूर रहने के समय की तुलना प्रताड़ना से की. Also Read - MS Dhoni के संन्यास की अटकलों पर पत्नी साक्षी बोलीं, नहीं पता ये चीजें कहां से आती हैं

पृथ्‍वी शॉ ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान वो इन दिनों इंडोर अभ्यास के अलावा पिता की किचन में भी मदद कर रहे हैं . ‘‘मैं अंडे बना लेता हूं और कुछ नयी चीजें सीख रहा हूं. पबजी भी खेलता हूं.’’ Also Read - 'हिटमैन' रोहित शर्मा ने BCCI का जताया आभार, जानिए वजह

भारत को अं‍डर-19 विश्‍व कप 2018 जिताने वाले कप्‍तान पृथ्‍वी शॉ पर बीसीसीआई द्वारा लगाया गया प्रतिबंध पिछले साल 15 नवंबर को खत्‍म हुआ था. पृथ्‍वी ने बताया कि खेल से दूर रहने के कारण उनकी रन बनाने की भूख और बढ़ गई है. Also Read - विराट कोहली से नहीं डरता है ये पाकिस्तान तेज गेंदबाज; कहा- मुझे चुनौती पसंद

फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के इंस्टाग्राम लाइव सेशन में बातचीत करते हुए पृथ्‍वी शॉ ने बताया कि खांसी की दवा में प्रतिबंधित चीज का सेवन करना एक बड़ी गलती थी.

‘‘शक और सवाल पैदा होते हैं लेकिन मैने विश्वास बनाये रखा. मैंने कुछ समय लंदन में बिताया जहां अपनी फिटनेस पर काम किया. प्रतिबंध पूरा होने पर मैंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और मेरी रनों की भूख बढ़ गई थी. मैंने बल्ला उठाया तो अहसास हुआ कि मेरी लय खोई नहीं है . इससे मेरी दृढता बढ़ गई.’’

कोरोनावायरस महामारी के बीच मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर उन्होंने कहा कि संयम बनाये रखना जरूरी है. उन्होंने कहा ,‘‘हममें से अधिकांश के पास संयम नहीं है. इस पर काम करना होगा. हर किसी को तलाशना होगा कि उसे क्या पसंद है और उसमें परिपक्वता लानी होगी. इससे अधिक संयमित होने में मदद मिलेगी.’’