भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने युवा ओपनर पृथ्वी शॉ की जमकर प्रशंसा करते हुए उनकी तुलना ‘नजफगढ़ के नवाब’ यानी पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग से की है. जाफर ने मुंबई के दाएं हाथ के बेहद प्रतिभाशाली ओपनर को मैदान से बाहर ज्यादा अनुशासित रहने की सलाह भी दी है. Also Read - ‘मैंने युवराज की पीठ तोड़ी’: शोएब अख्तर ने याद किया पुराना किस्सा

डोपिंग मामले में 8 महीने का लग चुका है बैन  Also Read - विराट कोहली की मौजूदगी में बिना दबाव के बल्लेबाजी कर सकता हूं: चेतेश्वर पुजारा

टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रभावशाली पदार्पण के बाद साव पर डोपिंग मामले में आठ महीने का प्रतिबंध लगाया गया था. प्रतिबंध पूरा होने के बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट पर वापसी की और इस साल भारत के न्यूजीलैंड दौरे पर उन्हें अंतिम एकादश में जगह बनाने मौका मिला था. Also Read - भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच Boxing Day Test मेलबर्न की जगह एडिलेड में हो सकता है, ये है वजह

जाफर ने पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा से उनके यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘मुझे लगता है कि उसे (शॉ) मैदान से बाहर ज्यादा अनुशासित होने की जरूरत है. उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की लेकिन उसे क्रिकेट के बाहर भी बहुत ज्यादा अनुशासित रहने की जरूरत है.’

‘शॉ के पास बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता’

रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले जाफर ने कहा कि शॉ के पास बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने की क्षमता है. इस साल घरेलू क्रिकेट को अलविदा कहने वाले इस दिग्गज ने कहा, ‘वह (शॉ) जिस तरह के शॉट लगाता है बिना किसी संदेह के मुझे लगता है कि वह एक विशेष खिलाड़ी हैं. अगर उसने इसे जारी रखा तो उसके पास वीरेंद्र सहवाग की क्षमता है, जो पूरी तरह से गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकता है.’

‘उसे अपने खेल को समझने की जरूरत है’

जाफर के मुताबिक, शॉ को अपने खेल को बेहतर ढंग से समझने की जरूरत है क्योंकि वह विरोधी गेंदबाजों के ‘जाल में फंस’ जाते हैं. जाफर ने कहा, ‘मुझे लगता है कही ना कही उसे अपने खेल को समझने की जरूरत है. उसे थोड़ा समय लेने की जरूरत है. वह कई बार शॉर्ट पिच गेंदों पर आउट हुआ और गेंदबाजों के जाल में फंस गया. उसे इस बात को समझने की जरूरत है.’