ओलंपिक और अर्जुन पुरस्कार विजेता दिग्गज तीरंदाज लिंबा राम इस समय इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का चक्कर काट रहे हैं. देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान (पद्मश्री) से सम्मानित लिंबा राम के दिमाग के दाएं हिस्से में कुछ परेशानी है. इसके अलावा उन्हें डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, रीढ़ की हड्डी और गर्दन की हड्डी में भी बीमारी है. Also Read - SAI Recruitment 2021: स्पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया में बिना एग्जाम के इन पदों पर पा सकते हैं नौकरी, बस होनी चाहिए ये क्वालीफिकेशन

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लंबे समय से बीमार चल रहे लिंबा राम का गाजियाबाद के कौशांबी स्थित निजी अस्पताल ने निशुल्क इलाज करने की पेशकश की है. Also Read - भारतीय पहलवानों पर कोरोना की मार, राहुल अवारे का टेस्ट भी आया पॉजिटिव, 5 रेसलर हो चुके हैं संक्रमित

खबरों के अनुसार 48 वर्षीय लिंबा राम अपने इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं. यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सीईओ डा. सुनील डागर ने बताया, ‘हमारे अस्पताल के कार्यकारी निदेशक शुभांग अरोड़ा को अखबारों के जरिए लिंबा राम की स्थिति का पता चला. उन्होंने अस्पताल को निर्देश देकर उनका निशुल्क इलाज सुनिश्चित करने को कहा है.’

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उन्होंने बताया, ‘हमने लिंबा राम की पत्नी जेनी से बात की है. वह हमें बताएंगी कि वे कब यहां आ सकते हैं. इसके बाद हम डॉक्टरों की टीम भेजेंगे जो उन्हें यहां लेकर आएगी.’ वर्ष 2012 में लंदन ओलंपिक में वह टीम के साथ कोच के तौर पर गए थे. 16 साल की उम्र में लिंबा राम ने पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लिया था.