बंगाल वॉरियर्स ने शनिवार को प्रो कबड्डी लीग (पीकेएल) के 7वें सीजन के रोमांचक फाइनल में दबंग दिल्ली को 39-34 से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम कर लिया. दोनों टीमें पहली बार फाइनल में पहुंची थीं।

पहले हाफ में दोनों टीमें बराबरी पर थींं 

दोनों टीमें पहले हाफ में 17-17 से बराबरी पर थीं. लेकिन, बंगाल ने दूसरे हाफ में अच्छी वापसी कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया.

दिल्ली की टीम पहले पांच मिनट तक 7-2 से आगे थी. दिल्ली ने इसके बाद अगले मिनट में ही बंगाल को  ऑलआउट कर 11-3 की बढ़त बना ली. अगले 10 मिनट में बंगाल ने भी वापसी कर ली और दिल्ली को ऑल आउट करके स्कोर 14-15 कर दिया. बंगाल की टीम अब मात्र एक अंक से पीछे थी और 18वें मिनट में उसने 16-16 से बराबरी भी हासिल कर ली.

Sultan of Johor Cup 2019: खिताब से चूकी जूनियर भारतीय हॉकी टीम, ग्रेट ब्रिटेन ने 2-1 से हराया

इसके बाद बंगाल ने पहली बार मैच में बढ़त बना ली. लेकिन, दिल्ली ने भी एक अंक लेकर स्कोर 17-17 से बराबर कर दिया. पहले हाफ की समाप्ति तक दिल्ली के नवीन कुमार ने छह और बंगाल के मोहम्मद नबी बक्श ने सात अंक लिए. दिल्ली के लिए मेराज शेख ने इस दौरान अपने 350 रेड प्वाइंटस पूरे किए.

दूसरे हाफ में शुरू के पांच मिनट तक दोनों टीमों का स्कोर 19-19 था 

दूसरे हाफ के पहले पांच मिनट तक भी दोनों टीमें 19-19 से बराबरी पर थीं. लेकिन, इसके बाद बंगाल ने दिल्ली को आल आउट करके 25-21 की बढ़त बना ली. इस दौरान दिल्ली के नवीन ने इस सीजन का अपना लगातार 21वां और कुल 22वां सुपर-10 पूरा किया.

मैच समाप्त होने में अब आठ मिनट का ही समय बचा था और बंगाल की टीम ने दिल्ली को फिर से आल आउट करके 10 अंकों की महत्वपूर्ण बढ़त लेकर स्कोर 34-24 तक पहुंचा दिया.

IND vs SA 3rd Test : रांची टेस्ट के दूसरे दिन भी बारिश की भविष्यवाणी

बंगाल ने यहां लगातार अपनी बढ़त को कायम रखते हुए दिल्ली को वापसी का कोई मौका नहीं दिया. चैंपियन बंगाल के लिए मोहम्मद नबी बक्श के सुपर टेन के अलावा सुकेश हेगड़े ने आठ अंक लिए. टीम को रेड से 22, टैकल से 10, ऑलआउट से छह और एक अतिरिक्त अंक मिला.

दिल्ली के लिए नवीन के 18 अंकों के अलावा अनिल कुमार ने तीन अंक लिए. टीम को रेड से 27,टैकल से तीन, ऑल आउट से दो और दो अतिरिक्त अंक मिले.

वॉरियर्स को नहीं मिली कप्तान मनिंदर सिंह कर सेवाएं 

वारियर्स को स्टार रेडर और कप्तान मनिंदर सिंह की सेवाएं नहीं मिली लेकिन वह फाइनल के दौरान टीम के सहायक कोच के रूप में मौजूद थे. बंगाल वॉरियर्स ने यू मुंबा को जबकि दबंग दिल्ली ने बेंगलुरू बुल्स को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था.