नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ और प्रो स्पोर्टिफाई ने सोमवार को एक रंगारंग कार्यक्रम के माध्यम से पेशेवर कुश्ती लीग (पीडब्ल्यूएल) की शुरुआत की घोषणा की। इस लीग में देश और दुनिया के 60 से अधिक शीर्ष पहलवान हिस्सा लेंगे। इस साल नवम्बर में होने वाली इस लीग के पहले संस्करण में सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त जैसे ओलम्पिक पदक विजेता पहलवान अपने फन का जादू दिखाते नजर आएंगे। यह भी पढ़े:यूईएफए के खिलाफ अपील करेगा बार्सिलोना Also Read - Baroda Assembly By-election Results Live Updates: बरोदा विधानसभा सीट से कांग्रेस की इंदु राज की बढ़त मजबूत, भाजपा के पहलवान योगेश्वर दत्त काफी पीछे

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इस लीग का आयोजन 8 नवम्बर से 29 नवम्बर के बीच होगा। इसमें ओलम्पिक में पदक जीत चुके दुनिया भर के 20 से अधिक पहलवान हिस्सा लेंगे। इस प्रतियोगिता के लिए 3 लाख डॉलर (लगभग 19 करोड़) रुपये की पुरस्कार और नीलामी राशि रखी गई है। Also Read - कोरोना के डर से महिला पहलवान विनेश फोगाट ने नेशनल कैंप से किया किनारा, WFI नाराज

भारत के लिए दो ओलम्पिक पदक (2008 में कांस्य, 2012 में रजत) जीत चुके सुशील और लंदन में कांस्य जीत चुके योगेश्वर के अलावा देश की एकमात्र महिला ओलम्पिक पहलवान गीता फोगाट मुख्य आकर्षण होंगी। इसके अलावा भारत से बजरंग कुमार, अमित कुमार, अनुज चौधरी, बबीता कुमारी, विनेश फोगाट और गीतिका जाखड़ भी इस लीग का शोभा बढ़ाएंगी।

विश्व की सबसे महंगी कुश्ती प्रतियोगिता मानी जा रही इस लीग में भारत कुल 66 पहलवान हिस्सा लेंगे, जिनमें 36 भारतीय और 30 विदेशी पहलवान होंगे। फ्रेंचाइजी आधारित इस लीग को जीतने वाली टीम पुरस्कार राशि तीन करोड़ रुपये रखी गई है। इसके अलावा दो करोड़ रुपये विभिन्न स्तर पर खिलाड़ियों के बीच पुरस्कार के तौर पर वितरित किए जाएंगे।

नई दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में इस लीग की लांचिंग हुई। इस अवसर पर सुशील सहित कई प्रमुख पहलवानों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सुशील ने कहा कि वह इस लीग के आने से खुश हैं क्योंकि इससे युवा खिलाड़ियों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।

सुशील ने यह भी कहा कि वह इस बात को लेकर भी खुश हैं कि रियो ओलम्पिक से पहले उन्हें तथा तमाम भारतीय पहलवानों को देश में ही अभ्यास का अच्छा मौका मिल जाएगा। साथ ही भारतीय खिलाड़ी लीग के माध्यम से धन भी कमा सकेंगे। इस लीग में छह टीमें होंगी। प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होंगे। इनमें छह पुरुष और पांच महिलाएं होंगी। एक टीम में छह भारतीय और पांच विदेशी खिलाड़ी होंगे। यह लीग बेस्ट ऑफ नाइन फॉरमेट के आधार पर खेली जाएगी।

सभी नौ मुकाबले लीग स्तर पर आयोजित होंगे। हर मुकाबले में तीन राउंड होंगे और प्रत्येक राउंड तीन मिनट का होगा। इसमें एक मिनट का ब्रेक भी होगा। लीग के लिए कई रोचक नियम बनाए गए हैं। लीग के तहत 21 दिनों में कुल 18 मुकाबले होंगे। इनमें 15 लीग मैच, दो सेमीफाइनल और एक ग्रैंड फिनाले शामिल है। प्रतियोगिता में कम से कम 150 मैच होंगे। प्रत्येक मैच के दौरान एक टीम को अधिक से अधिक चार विदेशी खिलाड़ियों को खिलाना है।

इस लीग को 150 से अधिक देशों में देखा जा सकेगा। इसका प्रसारण किस चैनल पर होगा, इसका खुलासा आने वाले दिनों में होगा। लीग के लिए 15 सितम्बर को नीलामी होगी और इसके मुकाबले छह शहरों में खेले जाएंगे। वैसे लीग के लिए चार जोन बनाए गए हैं। इसके मुकाबले छह शहरों में होंगे। छह फ्रेंचाइजी टीमों मे से तीन उत्तर से, एक पश्चिम, एक दक्षिण और और पूर्वोत्तर से होंगी।

लुधियाना, चंडीगढ़, हिसार, दिल्ली, गुड़गांव, लखनऊ, रांची, कोलकाता, मुम्बई, पुणे, कोल्हापुर, हैदराबाद और बेंगलोर में इसके मुकाबले होंगे। अंतिम रूप से छह मेजबान शहरों का चयन बाद में किया जाएगा। लांचिंग के अवसर पर इस लीग का लोगो भी लांच किया गया। इसे दिल्ली स्कूल ऑफ आर्ट्स के छात्रों ने तैयार किया है। खास बात यह है कि लोगो तैयार करने वाले छात्र और छात्रा बधिर हैं।