नई दिल्लीः आज शाम धर्मशाला के मैदान में भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आमने-सामने होंगी. दोनों ही टीमें इस मैच को जीत कर सीरीज का आगाज करने की कोशिश करेंगी. मैच से पहले हम आपको एक जानकारी देने जा रहे हैं जो कि दक्षिण अफ्रीकी टीम से जुड़ी है. हम लोग जानते हैं कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम को प्रोटिएस (Proteas) के नाम से भी जानते हैं लेकिन बहुत कम ऐसे लोग है जो इससे पीछे की कहानी जानते है. दरअसल, लगभग हर एक टीम का अपना एक उपनाम होता है. जैसे ऑस्ट्रेलिया को हम ओजी या फिर कंगारू के नाम से जानते हैं.

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न्यूजीलैंड की टीम को हम ब्लैक कैप्स या फिर किवी और भारत को मेन इन ब्लू के नाम से जाना जाता है. जब भी किसी देश की क्रिकेट टीम का उपनाम रखा जाता है तो इस बात का ध्यान रखा जाता है कि नाम का आधार ऐसा हो जो उस देश में एक प्रमुख स्थान रखती हो. दक्षिण अफ्रीका में फूलों की एक प्रजाति पाई जाती है जिसे प्रोटिएस कहा जाता है और यह फूल दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रीय फूल भी है. दक्षिण अफ्रीका क्रिकटे टीम में अपने प्रतीक चिन्ह में भी इसे रखती है.

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प्रोटिएस से पहले दक्षिण अफ्रीकी टीम को स्प्रिंगबोक भी कहा जाता था. स्प्रिंगबोक दक्षिण अफ्रीका में हिरन की एक प्रजाति को कहा जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह हवा में बहुत ऊंचा उठ सकता है. बाद में टीम ने अपने प्रतीक चिंह और उपनाम में बदलाव करते हुए प्रोटिएस को प्रमुखता दी.