माइनर लड़की का सेक्सुअल हैरसमेंट हुआ, ढाई महीने हो गए, बहुत चुप रह लिए, अब शांत नहीं बैठेंगे: साक्षी मलिक

प्रदर्शन के दौरान साक्षी मलिक ने कहा कि माइनर लड़की का सेक्सुअल हैरसमेंट हुआ है और ढाई महीने हो गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अब वह शांत नहीं बैठेंगे और इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ेंगे.

Published date india.com Updated: April 24, 2023 11:04 AM IST
माइनर लड़की का सेक्सुअल हैरसमेंट हुआ, ढाई महीने हो गए, बहुत चुप रह लिए, अब शांत नहीं बैठेंगे: साक्षी मलिक
sakshi malik

रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट सहित देश के शीर्ष पहलवान रविवार को विरोध प्रदर्शन के लिए फिर से जंतर मंतर पहुंचे और सरकार से भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने वाली निगरानी समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की.

प्रदर्शन के दौरान साक्षी मलिक ने कहा कि माइनर लड़की का सेक्सुअल हैरसमेंट हुआ है और ढाई महीने हो गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अब वह शांत नहीं बैठेंगे और इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ेंगे.

साक्षी मलिक ने कहा, ” हमने दो दिन पहले ही कनाट प्लेस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. हम सात लड़कियों ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें एक लड़की माइनर है और उसका पॉक्सो केस बनता है. लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. हमारी यही मांग है कि जल्द से जल्द एफआईआर हो और आरोपी को गिरफ्तार किया जाए.”

उन्होंने आगे कहा, ” WFI के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला है. ढाई महीने से ज्यादा हो गए हैं. हमें यकीन था कि सरकार हमारा साथ देगी. लेकिन ढाई महीने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. ढाई महीने बाद लोगों को लग रहा था कि हम झूठे थे, इसलिए हमने फिर से प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया है. अब हम बहुत चुप रह लिए, अब शांत नहीं बैठेंगे.”

महिला पहलवान ने कहा, ” लड़कियां (महिला पहलवान) समिति के सामने पेश हुई हैं, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई है. महासंघ पहले की तरह चल रहा है, वह अपने राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का आयोजन कर रहा है. तो क्या बदल गया है? जब हमने पहली बार विरोध किया तो हमसे जो वादे किए गए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं किया गया.

साक्षी मलिक और रवि दहिया सहित पहलवानों ने जनवरी में भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ मैराथन बातचीत के बाद उनका तीन दिवसीय धरना समाप्त कर दिया था. ठाकुर ने आरोपों की जांच के लिए दिग्गज मुक्केबाज एम सी मेरीकॉम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय निरीक्षण समिति की घोषणा की थी.

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें अब तक सात शिकायतें मिली हैं. उन्होंने कहा कि कुछ शिकायतें दिल्ली से संबंधित हैं और कुछ दूसरे शहर से है. उन्होंने कहा, “हम जांच कर रहे हैं. अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.

विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता विनेश ने सवाल किया, ‘‘(सरकारी) समिति को अपनी रिपोर्ट पेश करने में कितना समय लगने वाला है. पहले ही तीन महीने हो चुके हैं और हम अब भी उनकी बात सुनने का इंतजार कर रहे हैं। क्या रिपोर्ट तब आएगी जब शिकायत दर्ज कराने वाली लड़कियों की मौत हो जाएगी? हम सरकार से इस मामले में निष्कर्ष जारी करने के लिए कह कर थक चुके हैं. हमने कनॉट प्लेस के एक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की है और चाहते हैं कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो.”

बजरंग ने कहा कि विरोध करने वाली महिला पहलवानों के साथ खड़ा होना उनका नैतिक कर्तव्य है. तोक्यो खेलों के कांस्य पदक विजेता ने कहा, ‘‘अगर हम इनके साथ नहीं खड़े होंगे तो और कौन खड़ा होगा?’’उन्होंने कहा, ‘‘भले ही मुझे उनकी खातिर अपनी जान कुर्बान करनी पड़े, मैं उस हद तक जाने को तैयार हूं।’’

इस बीच, दिल्ली महिला आयोग ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की है. आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.

आयोग ने शिकायतकर्ताओं को प्रदान की गई सुरक्षा के विवरण के साथ-साथ उन व्यक्तियों के विवरण भी मांगे, जिन्होंने कथित तौर पर खेल विभाग के अधिकारियों के साथ मामले के बारे में जानकारी साझा की थी.

इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे शीर्ष पहलवानों द्वारा जताई गई चिंताओं के समाधान के लिए केंद्रीय मंत्री ठाकुर और स्मृति ईरानी को हस्तक्षेप करना चाहिए.

(इनपुट: भाषा)

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