भारतीय बैडमिंटन टीम के कोच पुलेला गोपीचंद स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु की खराब फॉर्म से चिंतित नहीं हैं। हालांकि उनका कहना है कि ये भारतीय बैडमिंटन के लिए मुश्किल समय है क्योंकि ये ओलंपिक का साल है।

गोपीचंद ने आईएएनएस से कहा, “सिंधु थोड़ा बहुत संघर्ष कर रही हैं, लेकिन वो ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने लगातार बड़े टूर्नामेंट्स में अच्छा किया है। ये ओलंपिक का साल है और मुझे भरोसा है कि, हमें पता कि हमें कहां काम करना है तो हम इस बात का समाधान निकाल लेंगे।”

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सिंधु ने बीते साल विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीता था। वो इस समय क्वालीफिकेशन रैंकिंग में छठे स्थान पर हैं जबकि सायना 22वें। सायना को क्वालीफिकेशन पीरियड खत्म होने तक 16वें स्थान पर आना होगा। ये पीरियड अप्रैल में खत्म होगा और तब टोक्यो के लिए भारतीय दल का चुनाव होगा।

गोपीचंद ने ये भी कहा कि सायना नेहवाल तथा किदाम्बी श्रीकांत भी जल्द वापसी करेंगे

उन्होंने ने कहा, “ये मुश्किल समय है। क्वालीफिकेशन खत्म होने में सात-आठ टूर्नामेंट बचे हैं और उन्हें वाकई अच्छा खेलना होगा। मुझे लगता है कि श्रीकांत के सामने मुश्किल टास्क है। पिछले दो टूर्नामेंट अच्छे नहीं गए हैं लेकिन फिर भी मुझे उम्मीद है कि यह लोग वापसी करेंगे और कुछ अच्छे प्रदर्शन करेंगे। सायना के एक-दो अच्छे प्रदर्शन उन्हें ओलम्पिक कोटा दिला देगा। उन्होंने मलेशिया ओपन में एन से यंग जैसी खिलाड़ी को हराया है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले टूर्नामेंट्स में वह मजबूत वापसी करेंगी।”

गोपीचंद ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों में टोक्यो ओलम्पिक में अच्छा करने की काबिलियत है

उन्होंने कहा, “ओलम्पिक का प्रारूप ऐसा है कि जो खिलाड़ी अच्छी तैयारी करके जाता है उसकी संभावनाएं रहती हैं। अंत में दो अच्छे मैच आपको पदक राउंड तक पहुंचा सकते हैं। मुझे लगता है कि हमारे सभी खिलाड़ियों में यह काबिलियत है। मैं क्वालीफिकेशन खत्म होने का इंतजार कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि हमारे खिलाड़ियों की संख्या ज्यादा होगी।”