भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑफ स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन को दो दिग्गज बल्लेबाजों के खिलाफ अपने करियर की शुरुआत करनी पड़ी और ये दोनों बल्लेबाज उस समय अपने इंटरनेशनल करियर में शानदार फॉर्म में थे, जब अश्विन ने उनका सामना किया. ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रिकी पोंटिंग ने 2011-12 सीरीज के दौरान अश्विन के खिलाफ 256 गेंदों का सामना करने के बाद 148 रन बनाए थे, लेकिन वह एक बार भी अश्विन के खिलाफ आउट नहीं हुए थे. Also Read - Prithvi Shaw में दूसरा Virender Sehwag बनने की क्षमता: पूर्व चयनकर्ता

दूसरी तरीफ, श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा अश्विन के खिलाफ केवल 23 रन ही बना पाए थे और इस स्पिनर ने उन्हें चार बार आउट किया था. अश्विन ने पाकिस्तानी पत्रकार मजहर अरशद के साथ एक साक्षात्कार में यही बात कही है, जिसे उनके यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया गया है. Also Read - अगर बॉलिंग नहीं कर सकते Hardik Pandya तो छोटे फॉर्मेट में भी फिट नहीं: पूर्व सिलेक्टर

‘पोंटिंग के खिलाफ बहुत कम खेला’ Also Read - Tim Paine पर भड़के Saba Karim, बोले- यह बयान 'बचकाना' नहीं बल्कि बड़ी 'बेवकूफी'

अश्विन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मैंने रिकी पोंटिंग के खिलाफ बहुत कम खेला होगा. एडिलेड टेस्ट में दो बार उनका कैच छूट गया था और यह मुझे बहुत अच्छी तरह से याद है. सिडनी टेस्ट में उन्होंने कुछ रन बनाए थे. मैंने मेलबर्न में उनके खिलाफ बहुत कम गेंदबाजी की. लेकिन एडिलेड और सिडनी में मैंने उन्हें लंबे समय तक गेंदबाजी की थी.’

बकौल अश्विन, ‘रिकी पोंटिंग एक महान बल्लेबाज हैं. मैं उस समय नया था. मैं वास्तव में उस समय गर्व महसूस करता हूं जब कोई मुझे अच्छी तरह से खेलता है, तो मैं उनका मुकाबला करने की कोशिश करता हूं. यही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट है. आप स्वीकार करें. अगर आप अच्छा करते हैं, तो आप सीखते हैं, जब आप अच्छा नहीं करते हैं, तो आप कठिन सीखते हैं.’

33 साल के इस ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘मुझे हमेशा लगता था कि रिकी पोंटिंग एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं. मैंने यह भी सोचा था कि उस समय उन पर कोई दबाव नहीं था जब हम ऑस्ट्रेलिया गए थे. मैं अपनी कला में अभी भी नया था, मैं अभी भी अपने खेल को सीख रहा था.’

‘संगकारा के खिलाफ भाग्यशाली था’

अश्विन ने संगकारा को लेकर कहा, ‘जब संगकारा की बात होती है तो मुझे लगता है कि मैं वास्तव में भाग्यशाली था क्योंकि मैं अपने जीवन के सबसे अच्छे फॉर्म में था. गेंद एक सपने की तरह आ रही थी, मुझे कुछ भी सोचने की जरूरत नहीं थी. मेरा एक्शन और लय कविता की तरह थी. उन्हें कुछ अच्छी गेंदें मिलीं. मैं बाएं हाथ के खिलाड़ी के लिए एक सपने की तरह गेंदबाजी कर रहा था. मुझे श्रीलंका में गेंदबाजी करना पसंद था, वहां पर गेंदें ज्यादा घूमती नहीं है लेकिन अच्छी खासी उछाल और गति होती है, जिससे गेंद स्लिप तक जा सके.’