नई दिल्‍ली: गुरुवार को मोहाली में सनराइजर्स हैदराबाद और किंग्‍स इलेवन पंजाब के बीच मैच अभी शुरू भी नहीं हुआ था लेकिन हैदराबाद की टीम को पंजाबी झटके लगने लगे थे. किंग्‍स इलेवन ने टॉस जीता तो उम्‍मीद यही थी कि वह पहले फील्डिंग चुनेगी. लेकिन हुआ इसका उल्‍टा. किंग्‍स इलेवन के कप्‍तान रविचंद्रन अश्विन ने पहले बल्‍लेबाजी करने का फैसला किया. आईपीएल के ग्‍यारहवें सीजन में टॉस जीतकर बैटिंग चुनने वाले वे पहले कप्‍तान बन गए.

इसलिए चुनी पहले बैटिंग
सनराइजर्स हैदराबाद की टीम का गेंदबाजी आक्रमण सभी टीमों में सबसे मजबूत माना जाता है, जबकि डेविड वॉर्नर की गैरमौजूदगी में बैटिंग अपेक्षाकृत कमजोर है. अश्विन का फैसला इसी पर आधारित था. उनकी योजना बड़ा स्‍कोर खड़ा कर हैदराबाद के बल्‍लेबाजों को दबाव में लाना था जिसमें वे सफल भी रहे. इतना ही नहीं, मोहाली का मैदान बड़ा है और बल्‍लेबाजों के लिए बड़े शॉट लगाना आसान नहीं होता. हैदराबाद की टीम में ऐसा कोई स्‍थापित बिग हिटर नहीं है, जबकि पंजाब के पास क्रिस गेल और जबरदस्‍त फॉर्म में चल रहे केएल राहुल हैं. अश्विन को पूरा भरोसा था कि उनके बल्‍लेबाज बड़े शॉट लगाने में कामयाब होंगे और ऐसा ही हुआ भी.

विपक्षी टीमों को चौंकाने का लक्ष्‍य
ग्‍यारहवें सीजन की शुरुआत से पहले जब अश्विन को किंग्‍स इलेवन का कप्‍तान चुना गया था तभी उन्‍होंने कहा था कि वे लीक से हटकर फैसले लेंगे और विपक्षी टीमों को चौंकाएंगे. अब तक वे इस पर खड़े उतर रहे हैं. सनराइजर्स के खिलाफ उन्‍होंने गेंदबाजी की शुरुआत भी दोनों छोर से तेज गेंदबाजों से कराई, जबकि इस सीजन में अधिकतर टीमें शुरुआत में ही स्पिन गेंदबाजों को आक्रमण पर लगा रही हैं. वे खुद भी पहले के मैचों में ऐसा ही करते रहे हैं. दिल्‍ली डेयरडेविल्‍स के खिलाफ अपने पहले मैच में उन्‍होंने एक छोर से खुद गेंदबाजी की शुरुआत की थी और दूसरे छोर से मोहित शर्मा को लगाया था. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ उन्‍होंने दोनों छोर से स्पिन गेंदबाजों से शुरुआत की थी. लेकिन सनराइजर्स के खिलाफ उन्‍होंने तेज गेंदबाजों पर भरोसा दिखाया और उनका यह दांव सफल भी रहा.

कप्‍तान के रूप में हिट
अश्विन ने इससे पहले कभी कप्‍तानी नहीं की. आईपीएल ही नहीं, घरेलू क्रिकेट में भी उन्‍हें कप्‍तानी करने का मौका कम ही मिला है. लेकिन आईपीएल के इस सीजन में अपनी कप्‍तानी में उन्‍होंने किंग्‍स इलेवन पंजाब को पहले चार में से तीन मैचों में जीत दिलाई है. इतना ही नहीं, वे अपने फैसलों से लीग के इस सीजन में नए ट्रेंड सेट कर रहे हैं. कोई ताज्‍जुब नहीं कि लीग के दूसरे सप्‍ताह में टीमें अब टॉस जीतने के बाद पहले बैटिंग का चुनाव करने लगें. अश्विन ने यह बता दिया है कि गेंदबाजी आक्रमण पर भरोसा हो तो डिफेंड करना भी संभव है.