कोरोनावायरस महामारी के इस दौर में रविवार को लॉकडाउन 4.0 के नए नियमों की घोषणा कर दी. करीब दो महीने बाद केंद्र सरकार ने खेल संबंधित परिसिरों को खोलने की इजाजत अब दे दी है. हालांकि मैचों का आयोजन केवल खाली स्‍टेडियम में बिना दर्शकों की मौजूदगी के ही किया जा सकता है. भारतीय टीम में द वॉल के नाम से मशहूर रहे राहुल द्रविड़ का मानना है कि भले ही खेल शुरू कर दिए जाएं लेकिन खिलाड़ियों के मन में डर हमेशा ही बरकरार रहेगा. Also Read - मेरठ में कोरोना टेस्ट सैंपल लेकर भागे बंदर! लोगों को सताया संक्रमण फैलने का डर

राहुल द्रविड ने कहा, ‘‘खेल शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए खिलाड़ियों के मन में संदेह या भय हो सकता है. मुझे यकीन है कि जब फिर से खेल शुरू होगा तो निश्चित तौर पर हिचकिचाहट होगी.’’ Also Read - नोएडा मेट्रो 1 जून से चलने की तैयारी में! इन शर्तों पर कर पाएंगे सफर

राहुल द्रविड़ मौजूदा समय में राष्‍ट्रीय स्‍पोर्ट्स अकादमी के अध्‍यक्ष हैं. उन्‍होंने कहा, ‘‘ व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि ज्यादा परेशानी होगी. मुझे नहीं लगता है कि एक बार शीर्ष खिलाड़ी जब मैदान पर उस चीज के लिए उतरेंगे जिससे वह प्यार करते है तो उन्हें परेशानी होगी.’’ Also Read - इस राज्य में खुलेंगे मंदिर-मस्जिद, सीएम ने पूजा करने या नमाज़ पढ़ने के लिए रखी ये शर्त

द्रविड ने फेसबुक लाईव पर ‘स्टेइंग अहेड ऑफ कर्व – द पावर ऑफ ट्रस्ट’ विषय पर चर्चा के दौरान कहा, ‘‘बहुत से खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती यह होगी कि जब वे दो या तीन महीनें तक नहीं खेलेंगे तो अपने शरीर पर विश्वास रखेंगे की नहीं.’’

‘‘फिर से मैच फिटनेस, खेल के लिए जरूरी फिटनेस के लिए थोड़ा समय चाहिए होगा. फिटनेस हासिल करने के बाद ही खिलाड़ी आत्मविश्वास से खुद पर भरोसा कर सकते हैं.’’