भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) के सफल कप्तानों की अगर बात की जाती है तो कपिल देव (Kapil Dev), सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का नाम लिया जाता है लेकिन पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के मुताबिक पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने बतौर कप्तान भारतीय क्रिकेट पर काफी प्रभाव छोड़ा था, जिसका श्रेय उन्हें नहीं दिया जाता। Also Read - टी20 फॉर्मेट में फिट होने के लिए अपने खेल में जरूरी बदलाव करता : सौरव गांगुली

गंभीर ने क्रिकेट कनेक्टेड कार्यक्रम में कहा, “मैंने अपना वनडे डेब्यू सौरव गांगुली की कप्तानी में और टेस्ट डेब्यू द्रविड़ की कप्तानी में किया था। ये काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम उन्हें कप्तानी के लिए ज्यादा श्रेय नहीं देते हैं। हम सिर्फ सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी की बात करते हैं और अब विराट कोहली की बात होती है। हालांकि राहुल द्रविड़ भी टीम इंडिया के लिए एक शानदार कप्तान थे।” Also Read - विराट कोहली के खिलाफ दर्ज हुए हितों के टकराव मामले की शिकायत की होगी जांच

उन्होंने कहा, “उनके आंकड़ों से पता चलता है कि वो कितने अंडररेटेड खिलाड़ी और कितने अंडररेटेड कप्तान थे। उनकी कप्तानी में हमने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में जीत हासिल की और 14 या 15 मैचों में लगातार जीत हासिल की।” Also Read - 'सचिन तेंदुलकर के 'शतकों के शतक' का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं विराट कोहली'

गंभीर ने कहा, “एक क्रिकेटर के तौर पर देखें तो आपने उनसे टेस्ट क्रिकेट में ओपन करने के लिए कहा, उन्होंने किया। आपने उनसे तीन नंबर पर बल्लेबाजी करने को कहा तो उन्होंने किया। आपने उनसे विकेटकीपिंग करने के लिए कहा, उन्होंने किया। आपने उनसे फिनिशर के रूप में खेलने को कहा, उन्होंने वो भी किया। उन्होंने हर वो चीज की जो उनसे कही गई, इसलिए वो एक परफेक्ट रोल मॉडल हैं। मेरे हिसाब से उनका प्रभाव काफी ज्यादा था।”

पूर्व सलामी बल्लेबाज ने साथ ही कहा, “सौरव गांगुली फ्लैमब्वॉयंट थे, इसलिए वनडे क्रिकेट में उनका प्रभाव ज्य़ादा था, लेकिन अगर ओवरऑल देखें तो द्रविड़ का प्रभाव ज्यादा बड़ा था। आप उनके प्रभाव की तुलना सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी से कर सकते हैं। उन्होंने पूरा जीवन सचिन की छाया में खेला लेकिन प्रभाव के मामले में वो उनके बराबर थे।”