मुंबई: जोस बटलर की रिकॉर्डतोड़ लगातार पांचवीं हाफ सेंचुरी ने वानखेडे स्‍टेडियम में घरेलू मैदान पर मुंबई के प्‍लेऑफ में पहुंचने की संभावनाओं पर ग्रहण लगा दिया. उनकी इस पारी के दम पर राजस्‍थान की टीम मुंबई के दिए 169 रनों के लक्ष्‍य को 18वें ओवर में तीनविकेट खोकर हासिल करने में सफल रही. जबरदस्‍त फॉर्म में चल रहे बटलर ओपनिंग के लिए आए और मैच जिताकर नाबाद लौटे. उन्‍होंने 53 गेंद पर 94 रन बनाए. उन्‍होंने यह लगातार दूसरा मौका है जब बटलर ने 90 से ज्‍यादा रन बनाए और नॉट आउट रहने के बावजूद शतक पूरा नहीं कर पाए. चेन्‍नई के खिलाफ अपनी टीम के पिछले मुकाबले में भी उन्‍होंने 95 रनों की नाबाद पारी खेली थी. हालांकि, इसके बावजूद वे आईपीएल में लगातार पांच पारियों में अर्धशतक लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी करने में वे सफल रहे.

12 मैचों में छठी जीत के साथ राजस्‍थान अब प्‍वॉइंट टेबल में पांचवें स्‍थान पर आ गया है. वहीं, 12 मैचों में सातवीं हार के साथ मुंबई के लिए प्‍लेऑफ में पहुंचने का समीकरण अब बेहद मुश्किल हो गया है. उसे बाकी दो मैच जीतने के अलावा दूसरी टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा. वहीं, राजस्‍थान की जीत के साथ चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स आईपीएल -11 के प्‍लेऑफ में पहुंच गई है.

शॉर्ट फिर नहीं चले
169 रनों के लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी राजस्‍थान की शुरुआत अच्‍छी नहीं हुई. टीम में वापसी कर रहे डी आर्सी शॉर्ट एक बार फिर असफल रहे. पहले ही ओवर में उन्‍हें बुमराह ने विकेटकीपर के हाथों कैच कराया. इसके बाद कप्‍तान अजिंक्‍य रहाणे के साथ जोस बटलर ने मोर्चा संभाला. रहाणे के रन बनाने की गति काफी धीमी थी, लेकिन दूसरे छोर पर बटलर अकेले ही टीम को जिताने का मन बनाकर आए थे. उन्‍होंने मुंबई के किसी गेंदबाज को नहीं बख्‍शा. खासकर मयंक मार्कंडे और जसप्रीत बुमराह की गेंदों पर लगाए उनके शॉट देखने लायक थे. रहाणे के साथ उन्‍होंने 74 गेंदों पर 95 रनों की साझेदारी हुई. रहाणे ने 36 गेंद पर 37 रन बनाए, लेकिन 14वें ओवर में जब वे आउट हुए तो टीम का स्‍कोर 104 रन हो चुका था और राजस्‍थान की जीत लगभग तय हो चुकी थी. इसके बाद संजू सैमसन के साथ उनकी 60 रनों की पार्टनरशिप ने बाकी कसर पूरी कर दी. सैमसन ने 14 गेंद में 26 रन बनाए और अगली ही गेंद पर बटलर ने छक्‍का लगाकर टीम को जीत दिला दी.

गेंदबाजों ने रोका मुंबई को
इससे पहले इविन लुईस के अर्धशतक से एक समय बड़ा स्कोर खड़ा करने की स्थिति में दिख रही मुंबई की टीम राजस्थान के गेंदबाजों की अच्छी वापसी के कारण छह विकेट पर 168 रन ही बना पाई. लुईस (42 गेंदों पर 60 रन) और सूर्यकुमार (31 गेंदों पर 38 रन) ने पहले विकेट के लिए 10.4 ओवर में 87 रन जोड़कर आखिरी दस ओवरों के लिये अच्छा मंच तैयार किया. राजस्थान के गेंदबाजों ने हालांकि बीच में लगाम कसी और 44 रन के अंदर पांच विकेट निकाले. हार्दिक पंड्या (21 गेंदों पर 36 रन) के आक्रामक तेवरों से आखिरी दो ओवरों में 32 रन बने जिससे मुंबई 160 रन के पार पहुंच पाया. राजस्थान की तरफ से जोफ्रा आर्चर (16 रन देकर दो विकेट) और बेन स्टोक्स (26 रन देकर दो विकेट) ने अच्‍छी गेंदबाजी की. इन दोनों ने आठ ओवरों में केवल 42 रन दिए और चार विकेट हासिल किए.

लुईस-यादव की अच्‍छी शुरुआत
लुईस और सूर्यकुमार ने फिर से मुंबई के लिए अच्छी नींव रखी. वे हालांकि शुरू में तेजी से रन नहीं बना पाए. पहले आठ ओवर में एक भी छक्का नहीं पड़ा. लुईस ने श्रेयस गोपाल के अगले ओवर की पहली दो गेंदों पर छक्के जड़कर रन गति आठ रन से ऊपर पहुंचाई. राजस्थान के कप्तान अंजिक्य रहाणे ने इसके बाद गोपाल को गेंदबाजी से हटाकर उनकी जगह आर्चर को गेंद थमायी जिन्होंने सूर्यकुमार और तीसरे नंबर पर उतरे कप्तान रोहित शर्मा को लगातार गेंदों पर आउट किया. सूर्यकुमार शॉर्ट पिच गेंद को सही तरह से पुल नहीं कर पाए और जयदेव उनादकट को कैच दे बैठे. आर्चर ने नए बल्लेबाज रोहित के लिए भी शॉर्ट पिच गेंद की जो उस पर पुल करने का लोभ नहीं छोड़ पाए और इस बार भी गेंद उनादकट के सुरक्षित हाथों में चली गई.

अंतिम दो ओवर में हार्दिक का जलवा
लुईस ने इसके बाद कृष्णप्पा गौतम पर छक्का लगाकर 37 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने धवल कुलकर्णी की गेंद भी छह रन के लिए भेजी लेकिन अगली गेंद पर डीप प्वाइंट पर कैच दे बैठे. इस कैरेबियाई बल्लेबाज ने अपनी पारी में चार चौके और इतने ही छक्के लगाए. इशान किशन (12) भी जल्द पवेलियन लौट गए जिससे डेथ ओवरों की जिम्मेदारी पंड्या बंधुओं पर आ गई लेकिन बीच के चार ओवरों में एक बार भी गेंद सीमा रेखा तक नहीं गई. इस बीच केवल 17 रन बने और कृणाल (तीन) पवेलियन लौटे. जब आखिरी दो ओवर बचे थे तब हार्दिक ने अपनी बाजूओं का दम दिखाया. उन्होंने उनादकट के ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया. बेन कटिंग (नाबाद दस) ने भी स्टोक्स के अगले ओवर में गेंद छह रन के लिए भेजी.