Rajat Bhatia announces retirement from cricket: दिल्ली के ऑलराउंडर रजत भाटिया (Rajat Bhatia) ने बुधवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की. इस तरह से रजत का लगभग दो दशकों से चले आ रहे फर्स्ट क्लास क्रिकेट का अंत हो गया. तमिलनाडु के साथ 2003-04 में अपना करियर शुरू करने वाले 40 साल के रजतर ने ज्यादातर क्रिकेट दिल्ली की ओर से ही खेला. 2018-19 में उन्होंने नई टीम उत्तराखंड (Uttarakhand) को रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) क्वार्टरफाइनल में पहुंचाया. Also Read - फिर से शुरु हुआ IPL 2021 तो जरूर हिस्सा लेंगे इंग्लिश गेंदबाज जोफ्रा आर्चर

112 फर्स्ट क्लास मैच खेले  Also Read - कोविड टेस्ट में निगेटिए आए CSK के बल्लेबाजी कोच माइकल हसी; रविवार को स्वदेश लौटेंगे

दिल्ली क्रिकेट टीम के ‘संकटमोचक’ माने जाने वाले भाटिया ने 112 प्रथम श्रेणी मैच खेले और 49.10 के औसत से 6482 रन जुटाए. इसके साथ ही उन्होंने 137 विकेट भी हासिल किए. वह 119 लिस्ट ए और 146 टी20 मैच भी खेले. Also Read - डोमेस्टिक लीग में तहलका मचा चुके Moksh Murgai, अब IPL खेलने की ख्वाहिश

‘मैंने पिछले साल ही संन्यास के बारे में फैसला कर लिया था’

पिछले सत्र में दिल्ली में जन्में इस क्रिकेटर ने बांग्लादेश में लिस्ट ए क्रिकेट भी खेला. उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘मैंने पिछले साल ही संन्यास के बारे में फैसला कर लिया था. मैं यहां घरेलू क्रिकेट नहीं खेल रहा था और फिर कमेंटरी करने लगा. फिर मैं बांग्लादेश में बतौर पेशेवर खेल रहा था लेकिन इस साल उन्होंने पेशेवर खिलाड़ियों को रखना बंद कर दिया और फिर कोरोना वायरस फैल गया. इसलिये मैंने सोचा कि अब संन्यास लेने का समय आ गया है.’

‘विदेशी लीग में खेल सकता हूं’

उन्होंने कहा, ‘वैसे मैं पहले से ज्यादा फिट महसूस कर रहा हूं और विदेशी लीग में खेल सकता हूं. ’

…तब टीम इंडिया की ओर से डेब्यू के करीब पहुंच गए थे 

वह 2014 में भारत की ओर से खेलने के करीब पहुंच गए थे जब उन्हें टी20 विश्व कप के संभावित खिलाड़ियों में शामिल किया गया था. लेकिन उन्हें कोई पछतावा नहीं है कि वह भारतीय टीम की जर्सी नहीं पहन सके.

भाटिया ने कहा, ‘मैं अपने करियर को उस तरह से सोचना नहीं चाहता. यह सोचना बहुत अपरिपक्व होगा. मैं काफी कुछ कर पाया और इसकी मुझे खुशी है. कोई पछतावा नहीं है.’