पूर्व पाक कप्‍तान रमीज रजा का मानना है कि मैच फिक्सिंग से जुड़े मामलों में आरोपी खिलाड़ियों पर लाई डिटेक्‍टर टेस्‍ट किया जाना चाहिए।
अपने यू-ट्यूब चैनल पर रमीज रजा ने कहा, “मेरी इच्छा है कि इस इरादे की गणना करने के लिए एक उपकरण होता। ठीक उसी तरह जैसे तापमान लेने वाले उपकरण कोविड-19 के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। हम आसानी से रेड फ्लैग प्लेयर्स को पकड़ सकते थे जो आगे चलकर फिक्सर बन सकते थे।” Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

रमीज रजा ने आगे कहा, “एक लाई-डिटेक्टर टेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिस तरह डोप टेस्टिंग के लिए रैंडम सैंपल लिए जाते हैं। उसी तरह हमें रैंडम झूठ डिटेक्टर टेस्ट भी करने चाहिए। हमें नियमित सीजन में यह पता लगाना चाहिए कि क्या खिलाड़ी कभी मैच फिक्सिंग में शामिल हुए हैं।” Also Read - अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण ने इस साल IPL आयोजन की उम्मीद जताई, जानिए पूरी डिटेल

“इस समस्या का हल बहुत कंफ्यूजिंग है। हमारे पास नियम, कानून, अधिनियम और खिलाड़ी शिक्षा कार्यक्रम हैं, लेकिन अगर कोई खिलाड़ी फिक्सिंग करने का इरादा रखता है तो कोई भी उसे नहीं रोक सकता है।” Also Read - लॉकडाउन में अंडर-19 खिलाड़ियों को मिली ये सीख, जानिए राहुल द्रविड़ की जुबानी

“फिक्सर आमतौर पर करियर के दो महत्वपूर्ण हिस्सों में हमला कर सकते हैं। वे किसी के करियर के अंत में हमला कर सकते हैं, क्योंकि उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है। वे उस समय भी हमला कर सकते हैं जब कोई खिलाड़ी अपना करियर शुरू कर रहा होता है, क्योंकि उनका दिमाग उस स्तर पर प्रभावशाली होता है।”