रणजी ट्रॉफी 2019-20 के दूसरे राउंड में बंगाल और आंध्र प्रदेश के बीच खेला जा रहा मुकाबला दो बार गलत कारणों से चर्चा में आ गया है. पहले तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को गेंदबाजी कोच से गाली गलोच करने के मामले में मैच से पहले ही बाहर कर दिया गया. अब राष्‍ट्रीय टीम के चयनकर्ता देवांग गांधी को ड्रेसिंग रूप से शर्मनाक तरीके से बाहर निकालने का मामला सामने आया है.

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न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक देवांग गांधी को गुरुवार को भ्रष्टाचार निरोधक प्रोटोकॉल के उल्लंघन के लिये बंगाल रणजी टीम के ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने के लिये कहा गया. सूर्य गृहण के चलते गुरुवार को मैच देरी से शुरू हुआ. इस दौरान गांधी बंगाल के फिजियो से मिलने टीम के ड्रेसिंग रूम में चले गये थे.

बंगाल के पूर्व कप्तान मनोज तिवारी ने तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक प्रोटोकाल के उल्‍लंघन का मुद्दा उठाया. जिसके बाद बीसीसीआई के भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारी सोमन कर्माकर ने गांधी को ड्रेसिंग रूम से बाहर जाने के लिये कहा.

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भ्रष्टाचार निरोधक प्रोटोकाल के अनुसार केवल खिलाड़ी और टीम के सहयोगी स्टाफ ही ड्रेसिंग रूम में रह सकते हैं. गांधी ने बाहर निकाले जाने की बात का खंडन किया है.

मनोज तिवारी ने कहा, ‘‘हमें भ्रष्टाचार निरोधक प्रोटोकाल के नियमों का पालन करना चाहिए. एक राष्ट्रीय चयनकर्ता बिना अनुमति के ड्रेसिंग रूम में नहीं घुस सकता है. केवल खिलाड़ी और टीम अधिकारी ही ड्रेसिंग रूम में प्रवेश कर सकते हैं.’’