रणजी ट्रॉफी 2019-20 (Ranji Trophy 2019-20) सीजन के दौरान दिल्‍ली की टीम में एक गेंदबाज के शामिल होने के चलते विवाद पैदा हो गया है. इस तेज गेंदबाज का नाम अंकित बेनीवाल (Ankit Beniwal) है. इस अंजाने चेहरे को गुजरात के खिलाफ आगामी मैच के लिए 15 सदस्‍यीय टीम में जगह दी गई है.

अंकित बेनीवाल को इससे पहले बंगाल के खिलाफ रणजी मैच से पहले टीम के नेट गेंदबाज के तौर पर भेजा गया था. उस वक्‍त भी इस निर्णय को लेकर विवाद हुआ था क्‍योंकि बेनीवाल की गेंदबाजी की गति महज 110 से 115 किलोमीटर प्रतिघंटा बताई जा रही है.

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डीडीसीए के आला अधिकारियों ने न्‍यूज एजेंसी आइएएनएस को बताया कि बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष और उसका छोटा भाई जो अब डीडीसीए का शीर्ष पदाधिकारी है, उन्होंने बेनीवाल को चुनने के लिए चयन समिति को बाध्य किया.

चयन समिति की बैठक के दौरान मौजूद डीडीसीए के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘‘डीडीसीए की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष बंटू सिंह और उनके साथी अनिल भारद्वाज इस विवादास्पद फैसले के लिए जिम्मेदार हैं. उस खिलाड़ी के बारे में कोई नहीं जानता. उसने कैसे टीम में जगह बनाई और उसने कितने विकेट लिए हैं. लेकिन हम सभी को पता है कि दो भाई उसे शामिल करने के लिए जोर लगा रहे हैं.’’

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बंटू सिंह ने हालांकि बेनीवाल के चयन के फैसले का बचाव किया है. उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ चयनकर्ताओं ने ही बेनीवाल को नहीं चुना है. यह सामूहिक फैसला था (अधिकारियों और चयनकर्ता का). हमेशा चयनकर्ताओं पर दोष मढ़ना सही नहीं है. हम काफी लड़कों का चयन प्रदर्शन के आधार पर करते हैं लेकिन तब कोई चयनकर्ताओं की तारीफ नहीं करता. वह नेट गेंदबाज था और सुबोध भाटी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के कारण हमने उसे मौका देने के बारे में सोचा.’’

टीम में क्षितिज शर्मा के चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. गुजरात के खिलाफ युवा तेज गेंदबाज सिद्धांत शर्मा के प्रथम श्रेणी पदार्पण करने की उम्मीद है.