भारतीय टेस्‍ट टीम में सलामी बल्‍लेबाज की भूमिका निभा चुके मुरली विजय पर रणजी ट्रॉफी मुकाबले में अंपायर के निर्णय का विरोध करने पर जुर्माना लगाया गया है. उनकी 10 प्रतिशत मैच फीस को काटने का निर्णय लिया गया है.

टीम सहित अंपायर के निर्णय का विरोध करने पर मुरली विजय पर यह कार्रवाई की गई. यह वाक्‍या मंगलवार को कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच हुए मुकाबले के दौरान हुआ. पहले बल्‍लेबाजी करते हुए तमिलनाडु की टीम 336 रन पर ऑलआउट हो गई थी. जवाब में आज दूसरे दिन कर्नाटक बल्‍लेबाजी कर रहा है.

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मैच के दौरान रविचंद्रन अश्विन गेंदबाजी पर थे, जबकि उनके सामने बल्‍लेबाजी पर कर्नाटक के पवन देशपांडे थे. तमिलनाडु ने कॉट बिहाइंड की अपील की, जिसे ऑन फील्‍ड अंपायर नितिन पंडित ने खारिज कर दिया. इसके बाद पूरा विवाद शुरू हुआ.

बताया जा रहा है कि मैच के दौरान अंपायर के अन्‍य निर्णयों से भी तमिलनाडु की टीम नाराज थी. विरोध में सभी खिलाड़ी पिच पर आकर खड़े हो गए. इस दौरान मुरली विजय अंपायर के निर्णय से काफी नाराज नजर आ रहे थे.

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लेग अंपायर अनिल दांडेकर ने किसी तरह मुरली विजय को शांत किया. जिसके बाद मैच दोबारा शुरू हो सका. बाद में तमिलनाडु टीम मैनेजमेंट की तरफ से बताया गया कि मैच रेफरी ने मुरली विजय की 10 प्रतिशत मैच फीस काटने का निर्णय लिया है.