हाल में विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले युवा पहलवान रवि दहिया को लक्ष्य ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) में शामिल कर लिया गया है जबकि खराब फॉर्म से जूझ रहीं साक्षी मलिक को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की मिशन ओलंपिक इकाई ने शुक्रवार को यह फैसला किया. रवि ने कजाखस्तान के नूर सुल्तान में पुरूष 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता था.

उनके कांस्य पदक ने अगले साल होने वाले टोक्यो खेलों के लिए भारत का ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित किया.

साक्षी ने 2016 रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था. वह पिछले कुछ समय से फॉर्म से जूझ रही है इसलिए उन्हें टॉप्स से बाहर कर दिया गया. वह नूर सुल्तान में 62 किग्रा वर्ग के शुरुआती दौर से बाहर हो गई थी.

भारोत्तोलक रगाला वेंकट राहुल को भी टॉप्स से बाहर कर दिया गया जिसमें 50,000 रूपये की मासिक वित्तीय सहायता दी जाती है.

पूजा ढांडा के प्रस्ताव को मिली मंजूरी 

समिति ने पहलवान पूजा ढांडा के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी जिसमें उन्होंने एक महीने के लिए अपने घरेलू स्थल हिसार में रोमानियाई कोच फानेल कार्प के साथ ट्रेनिंग करने की अपील की थी.

भारोत्तोलक मीराबाई चानू के वित्तीय सहायता के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली 

समिति ने भारोत्तोलक मीराबाई चानू के वित्तीय सहायता के प्रस्ताव को मंजूरी दी जिसमें उन्होंने फिजियो शिवानी भारूका को रखने की मांग की थी जो टोक्यो ओलंपिक तक राष्ट्रीय शिविर में उनके साथ होंगी.

समिति ने हाल में हुई बैठक में 70 लाख रूपये के वित्तीय प्रस्ताव को भी मंजूरी दी.

तीन राष्ट्रीय महासंघों -निशानेबाजी, टेबल टेनिस और भारोत्तोलन- ने बैठक के दौरान 2020, 2024 और 2028 ओलंपिक के लिए रोडमैप भी साझा किया.