भारतीय टीम के कोच रवि शास्‍त्री ने सौरव गांगुली से अपने रिश्‍तों में तनातनी को लेकर खुलकर बात की. शास्‍त्री ने साफ किया कि वो भारतीय टीम के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली की काफी इज्‍जत करते हैं. मेरे और दादा के बीच रिश्‍तों को लेकर तनातनी की खबरें मीडिया की चाट और भेलपुरी से ज्‍यादा कुछ नहीं है.

सौरव गांगुली जब क्रिकेट एडवाइजी कमेटी (CAC) के सदस्‍य थे तब शास्‍त्री के साथ उनके खराब रिश्‍तें जगजाहिर हैं. बीसीसीआई की मीटिंग के दौरान दोनों एक दूसरे से आंखे तक नहीं मिलाते थे.

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साल 2016 में सौरव, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्‍मण की अध्‍यक्षता वाली सीएसी जब नए भारतीय कोच का चयन कर रही थी तब इस पद के लिए शास्‍त्री भी एक प्रत्‍याशी थे. उस समय वो भारत के टीम डायरेक्‍टर की भूमिका निभा चुके थे.

कोच पद के लिए शास्‍त्री के वीडिया कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से इंटरव्‍यू के दौरान सौरव गांगुली मौजूद नहीं थे. शास्‍त्री ने बाद में सौरव की गैर मौजूदगी पर अपमानजनक बताया था. इसके बाद दादा ने प्रतिक्रिया देते हुए शास्‍त्री के कमेंट से आहत होने की बात कही थी.

उस वक्‍त सीएसी ने अनिल कुंबले को नए कोच पद के लिए चुना, लेकिन विराट कोहली और कुंबले के बीच तनातनी के चलते रवि शास्त्री को टीम का नया कोच चुना गया था.

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इंडिया टुडे के कांक्‍लेव में रवि शास्त्री ने कहा, “सौरव गांगुली ने कमान ऐसे वक्‍त पर संभाली है जब बीसीसीआई में काफी दिक्‍कतें चल रही हैं. आपको लोगों का विश्‍वास दोबारा पाना होगा. बतौर खिलाड़ी उन्‍होंने जो भी किया है मैं उनका काफी सम्‍मान करता हूं.”

“जो भी लोग यह समझते हैं कि मैं सौरव गांगुली का सम्‍मान नहीं करता, भाड़ में जाएं वो लोग. मेरी और सौरव गांगुली के बीच झगड़े की खबरें मीडिया की चाट और भेलपूड़ी जैसी हैं.”

सौरव गांगुली भी शास्‍त्री के साथ झगड़े की खबरों को मीडिया के कयास कह चुके हैं.