मुंबई: कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने रवि शास्त्री को भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच पद पर बरकरार रखा है. सीएसी ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन कर इस बात की जानकारी दी. शुरुआत से ही ऐसी अटकलें थीं कि शास्त्री इस पद पर बने रहेंगे. विंडीज दौरे पर जाने से पहले टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी शास्त्री का समर्थन किया था.

 

शास्त्री के साथ कोच पद की दौड़ में न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, श्रीलंका के पूर्व कोच टॉम मूडी, भारत के पूर्व फील्डिंग कोच रोबिन सिंह और भारत के पूर्व मैनेजर लालचंद राजपूत भी शामिल थे. बता दें कि शास्त्री का भारतीय टीम के साथ यह चौथा कार्यकाल होगा. वह बांग्लादेश के 2007 के दौरे के समय कुछ समय के लिये कोच बने थे. इसके बाद वह 2014 से 2016 तक टीम निदेशक और 2017 से 2019 तक मुख्य कोच रहे. शास्त्री ने कोच पद की दौड़ में भारतीय टीम के अपने साथी रोबिन सिंह और लालचंद राजपूत के अलावा न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन और आस्ट्रेलिया के टॉम मूडी को पीछे छोड़ा. वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के पूर्व कोच फिल सिमन्स निजी कारणों से कोच पद की दौड़ से हट गये थे. कपिल देव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में फैसला सुनाते हुए कहा कि नंबर तीन टॉम मूडी थे और नंबर दो माइक हेसन. आपने जैसी उम्मीद लगायी थी रवि शास्त्री नंबर एक रहे. लेकिन यह काफी करीबी मुकाबला था.

भारत के मुख्य कोच के रूप में रवि शास्त्री का एक और कार्यकाल लगभग तय

कोहली ने किया था रवि शास्त्री के नाम का समर्थन
कोहली ने वेस्टइंडीज दौरे पर रवाना होने से पहले कोच पद के लिये शास्त्री के नाम का समर्थन किया था जिसके बाद यह तय माना रहा था कि यह पूर्व भारतीय कप्तान इस पद पर बना रहेगा. सभी उम्मीद्वारों में शास्त्री का रिकार्ड शानदार था. उनके कोच रहते हुए भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुंची और उसने 71 वर्षों में पहली बार आस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराया.

शास्त्री की अगुवाई में आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाया भारत
उनकी अगुवाई में हालांकि भारत आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाया तथा उसे 2015 और 2019 के विश्व कप में निराशा हाथ लगी. कपिल देव की अगुवाई वाली समिति को हालांकि यह बड़ा कारण नहीं लगा. समिति में शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ भी शामिल थे. अनिल कुंबले की जगह जुलाई 2017 में कोच पद संभालने के बाद रवि शास्त्री का रिकार्ड शानदार रहा. इस बीच भारत ने 21 टेस्ट मैचों में से 13 में जीत दर्ज की. उसने 60 वनडे में 43 अपने नाम किये तथा 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय में से 25 में जीत हासिल की.

रवि शास्त्री ने इनको पीछे किया
बता दें कि रवि शास्त्री के अलावा मुख्य कोच की दौड़ में न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, श्रीलंका के पूर्व कोच टॉम मूडी, वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के पूर्व कोच फिल सिमंस, भारत के पूर्व फील्डिंग कोच रोबिन सिंह और भारत के पूर्व मैनेजर लालचंद राजपूत भी शामिल थे.