भारतीय टीम ने विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रांची टेस्ट में एक पारी 202 रन से जीत हासिल कर 3-0 से सीरीज पर कब्जा किया है। टीम इंडिया की जीत में गेंदबाजों का अहम योगदान रहा। कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने भी इस पर जोर दिया। कोच ने कहा कि वो चाहते थे कि गेंदबाज पिच पर निर्भर ना रहने के बजाय हर मैच में 20 विकेट निकालें और भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा ही किया।

मैच के बाद कोच ने कहा, “हमारी इच्छा थी कि पिच को समीकरण से ही निकाल दें। भाड़ में जाय पिच, बस 20 विकेट निकालना है। हम जहां भी खेलें, वहां 20 विकेट निकालना चाहते थे। हमारी बल्लेबाजी फरारी की तरह है, हमारा ध्यान केवल 20 विकेट लेने पर था।”

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इस सीरीज में टीम इंडिया ने रोहित शर्मा को बतौर सलामी बल्लेबाज मौका दिया और ये दांव भारत के लिए पूरी तरह से सफल रहा। रोहित इस सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे और प्लेयर ऑफ द सीरीज खिताब जीता।

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इस बारे में भारतीय कोच ने कहा, “जब आपको टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी करनी होती है तो आप कभी कभार आप पहले 10 ओवर में ही आउट हो सकते हैं। लेकिन रोहित शुरुआती दो घंटो तक टिका रहा। और लंच तक चीजें बदली जिसका उसने फायदा उठाया। एक सलामी बल्लेबाज को काम पूरा करने से जो खुशी मिलती है वो अद्भुत है।”

रोहित के अलावा कोच शास्त्री ने डेब्यू मैच खेल रहे स्पिनर शाहबाज नदीम की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “नदीम से बेहद प्रभावित हूं। वो शीर्ष पर पहुंचा और उसकी रिस्ट पोजीशन अच्छी है। उसने घरेलू स्तर पर काफी मेहनत की है और मैं खुश हूं कि उसे अपने घरेलू मैदान पर मौका मिला है। वो बिल्कुल नर्वस नहीं थी और शुरुआती में ही तीन मेडन ओवर डाले।”

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कोच शास्त्री ने आगे कहा, “ये जीत टीम का प्रयास है। आमतौर पर भारत में दो खिलाड़ी सारी लाइमलाइट लेते दिखते हैं लेकिन यहां आपको 6-7 खिलाड़ी योगदान देते दिखे। आपके पास ऐसा कप्तान है जो आगे बढ़कर नेतृत्व करता है और दोहरा शतक जड़ता है। आपके पुजारा है, रहाणे है जो मध्यक्रम में रन बना रहे हैं। आपके पास जडेजा है जो 6 नंबर पर रन बनाता है और विकेट भी लेता है। आपको यही चाहिए।”