दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में खेली गई घरेलू सीरीज में जीत के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी टेस्ट फॉर्मेट के लिए पांच चुनिंदा वेन्यू निश्चित किए जाने की बात कही। अब भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने भी अपने कप्तान का समर्थन किया है। अश्विन ने दिन रात्रि टेस्ट को ‘सही दिशा में आगे बढ़ना’ करार दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘टेस्ट खेलने वाले हर देश का आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट खेलने का एक निश्चित फॉर्मेट होता है। वे जानते हैं कि मैच वेन्यू कैसे होंगे और पिचों का व्यवहार कैसा होगा और मैच आगे कैसे बढ़ेगा। विश्व के अधिकतर भागों टेस्ट क्रिकेट लगातार ऐसा ही खेला जा रहा है। यहां तक कि भारत में भी ये कोई अपवाद नहीं है।’’

‘भारतीय पेस अटैक वर्ल्ड क्रिकेट के सबसे खतरनाक आक्रमण में से एक’

अश्विन ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के शुरुआती दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘‘गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच स्वागत करने वाला कदम है। भारत टेस्ट खेलने वाला देश है और हमारे लिए ये जरूरी है कि हम दिन रात्रि टेस्ट मैच में खेलें। नौकरी पर जाने वाले लोग जो पहले टेस्ट मैच नहीं देख पाते थे अब ऐसा कर सकते हैं।’’

किन इसमें चुनौतियां भी होंगी जैसे कि गेंद पर रंग की अतिरिक्त परत से धीमी गति के गेंदबाजों के लिए मुश्किल होगी।उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर गुलाबी गेंद से खेलना चुनौती है। इस गेंद पर अधिक रोगन होता है। निजी तौर पर मेरा मानना है कि हमने ये कदम सही दिशा में उठाया और उम्मीद है कि टेस्ट मैच ऐतिहासिक पल होगा और यह कई अन्य मैचों की शुरुआत होगी।’’

अश्विन ने कहा, ‘‘मैं कभी गुलाबी गेंद से नहीं खेला। मैं कुछ साल पहले दलीप ट्रॉफी में नहीं खेला था जिसमें गुलाबी गेंद का उपयोग हुआ था। मैंने गुलाबी गेंद से एक भी गेंद नहीं की है। निश्चित तौर पर मैंने इसे देखा है। कभी कभी मैं समझ नहीं पाता हूं कि ये गुलाबी है या नारंगी। अभी मुझे इसे समझना है।’’