ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गए बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) चोट के बावजूद सिडनी टेस्ट में बल्लेबाजी करने के लिए तैयार थे। जडेजा ने हाल ही में दिए बयान में कहा कि अंगूठे में फ्रेक्चर होने के बाद भी अगले 10-15 ओवर में बल्लेबाजी करने के लिए मानसिक तौर पर तैयार थे और इसके लिए उन्होंने दर्द का इंजेक्शन भी ले लिया था।Also Read - UP Election 2022: ग्रेटर नोएडा में अमित शाह का ‘प्रभावी मतदाता संवाद’, कहा- यूपी चुनाव 20 साल के लिए दिशा तय करेंगे

जडेजा ने ‘स्पोर्ट्स टुडे’ से कहा, ‘‘मैं तैयार था, पैड पहन लिए थे, इंजेक्शन भी ले लिया था। मैं सोच रहा था कि मैं कम से कम 10 से 15 ओवर तक बल्लेबाजी करूंगा और मानसिक रूप से योजना बना रहा था कि पारी कैसे खेलूंगा, कौन से शॉट खेलूंगा क्योंकि फ्रेक्चर से दर्द के कारण मेरे लिए सभी तरह के शॉट खेलना संभव नहीं था। मैं भी हिसाब लगा रहा था कि तेज गेंदबाजों की गेंदों का सामना कैसे करूंगा, वे मुझे गेंद कहां पिच करेंगे। मैं अपनी भूमिका की योजना बना रहा था कि मैं जब 10-15 ओवर बल्लेबाजी करूंगा तो ऐसा करूंगा।’’ Also Read - दिल्‍ली में फिलहाल नहीं खुलेंगे स्‍कूल और कॉलेज, ऑनलाइन जारी रहेंगी कक्षाएं

लेकिन जडेजा को बल्लेबाजी के लिए उतरने की जरूरत हीं नहीं पड़ी क्योंकि रविचंद्रन अश्विन और हनुमा विहारी ने पांचवें दिन 256 गेंद का डटकर सामना किया और यादगार ड्रा कराया। जडेजा ने कहा, ‘‘यहां तक कि मैंने टीम मैनेजमेंट से भी बात की थी कि मैं सिर्फ तभी बल्लेबाजी करूंगा, अगर भारत उस दहलीज पर पहुंच जाता है, जहां मैच जीता जा सकता है। पुजारा और रिषभ पंत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, उन्होंने साझेदारी बनायी। हमें यह भी महसूस हुआ कि हम मैच जीत सकते थे। लेकिन दुर्भाग्य से, पंत आउट हो गया और इसके बाद हालात बदल गये। हमें इसके बाद ड्रा के खेलना पड़ा।’’ Also Read - UPTET answer keys 2021: यूपीटीईटी आंसर की जारी, इस लिंक से डाउनलोड करें

जडेजा ने कहा, ‘‘अश्विन और विहारी ने जिस तरह से मैच को बचाने के लि बल्लेबाजी की, उन्होंने बेहतरीन जज्बा दिखाया। जब टेस्ट क्रिकेट की बात आती है तो हमेशा रन बनाना अहम नहीं होता। ऐसे भी हालात होते हैं जब आपको मैच बचाना होता है। इतने सारे ओवर बल्लेबाजी करके जिस तरह से हमने मैच बचाया, ये टीम का शानदार प्रयास था।’’

जडेजा को सिडनी टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए अंगूठे में चोट लग गयी थी। जिसके बाद वो छह हफ्ते के लिए क्रिकेट से बाहर हो गये। इससे वो पांच फरवरी से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज में नहीं खेल पायेंगे।