क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने हाल में खिलाड़ियों का सालाना अनुबंध जारी किया था. इस लिस्ट से अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा का नाम गायब था. ख्वाजा वही बल्लेबाज हैं जिन्हें पिछले साल एशेज सीरीज के बीच में से ही टीम से बाहर कर दिया गया था. Also Read - B'day Special: वर्ल्ड क्रिकेट के वो सफल जुड़वा भाई जिन्होंने 108 टेस्ट एक साथ खेले

ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप जीतने वाली टीम के 2 बार कप्तान रहे रिकी पोंटिंग का कहना है कि ख्वाजा को प्रदर्शन में निरंतरता की कमी के कारण राष्ट्रीय टीम से बाहर किया गया लेकिन वह उन्हें चुका हुआ मानने को तैयार नहीं हैं. Also Read - टी20 विश्व कप स्थगित हुआ तो IPL खेलने के लिए तैयार हैं स्टीव स्मिथ लेकिन...

ख्वाजा को एशेज सीरीज के बीच में ही टीम से बाहर कर दिया गया था Also Read - क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ ने कहा- इस साल टी20 विश्व कप होने की संभावना बेहद कम

33 साल के ख्वाजा को हाल में ऑस्ट्रेलिया के अनुबंधित खिलाड़ियों की वार्षिक सूची में जगह नहीं मिली थी. पिछले साल एशेज श्रृंखला के बीच में ख्वाजा को टीम से बाहर कर दिया गया था.

पोंटिंग ने एबीसी ग्रैंडस्टैंड से कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे लगता है कि उन्हें मुश्किल होगी (ऑस्ट्रेलियाई टीम में वापसी करने में) और मुझे उसके लिए दुख है.’

‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में नाकाम रहेे ख्वाजा’ 

उन्होंने कहा, ‘मुझे हमेशा से लगता है कि वह काफी अच्छा खिलाड़ी है और हमने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संभवत: कभी उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं देखा. हमने इसकी झलक देखी है लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऑस्ट्रेलिया के लिए उसके प्रदर्शन में निरंतरता रही है.’

पोंटिंग ने हालांकि उम्मीद जताई कि ख्वाजा घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी कर पाएंगे.

उन्होंने कहा, ‘एक चीज मुझे पता है, आप कभी दिग्गज खिलाड़ियों को चुका हुआ नहीं मान सकते. इन गर्मियों में घरेलू क्रिकेट के शुरू होने पर उसे मौके मिलेंगे और वह इतना कर सकता है कि क्वीन्सलैंड के लिए खेले, ढेरो रन बनाए और एक और मौका मिलने का इंतजार करे.’

उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा होता है तो मुझे यकीन है कि अगर उसे दोबारा खेलने का मौका मिलता है तो वह निराश नहीं करेगा.’

44 टेस्ट मैच खेल चुके हैं ख्वाजा

ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से 44 टेस्ट और 40 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में क्रमश: 2887 और 1554 रन बनाए. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में आठ शतक और 14 अर्धशतक जबकि एकदिवसीय क्रिकेट में दो शतक जड़े.