मेलबर्न: लगता है ऑस्ट्रेलियाई टीम को मेलबर्न टेस्ट में अपनी हार तय लग रही है. शायद यही कारण है कि कंगारू टीम के मौजूदा खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पूर्व खिलाड़ी भी भारतीय टीम की आलोचना कर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. एक और जहां पूरा क्रिकेट जगत इस टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा की शतकीय पारी को टेस्ट क्रिकेट की बेहतरीन पारियों में गिन रहा है, वहीं ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग का मानना है कि पुजारा की 319 गेंद में 106 रन की धीमी पारी के कारण भारत को मेलबर्न टेस्ट में पराजय का सामना करना पड़ सकता है.

भारत ने पहले दो दिन ढाई रन प्रति ओवर की गति से रन बनाये जो तीन दशक में ऑस्ट्रेलिया में पहली पारी का सबसे धीमा स्कोर है. पुजारा ने 319 गेंद में 106 रन की पारी खेली. भारत के किसी भी बल्लेबाज का स्ट्राइक रेट 50 से अधिक नहीं था. कप्तान विराट कोहली ने 204 गेंद में 82 रन बनाए.

पोंटिंग ने कहा ,‘‘ भारत अगर यह मैच जीतता है तो यह अच्छी पारी है लेकिन हो सकता है कि इसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया को दो बार आउट करने का समय नहीं मिले. इससे उन्हें मैच गंवाना पड़ सकता है.’’ उन्होंने कहा ,‘‘ पुजारा के रहते रन गति बढ़ाना मुश्किल था. उसने एक और शतक बनाया जो सीरीज में उसका दूसरा शतक है. वह अच्छा खेल रहा है और आउट नहीं होता. वह ऐसे बुलबुले के भीतर है जिसमें से रन गति को लेकर वह प्रभावित नहीं होता. भारत के पास स्ट्रोक्स खेलने में माहिर बल्लेबाज हैं लेकिन अगर वे नहीं आ पाते हैं तो रन गति बड़ा मसला है. ऐसे में टेस्ट जीतना मुश्किल हो जाएगा.’’

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उन्होंने कहा कि भारत की रणनीति उन्हें समझ में नहीं आई. उन्होंने कहा ,‘‘ पुजारा के आउट होने के बाद लगा कि वे दिशा से भटक गए हैं और उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि क्या करना है. ऐसा लगा कि वे एक ही पारी खेलना चाहते हैं लेकिन उसके लिए काफी रन नहीं बना सके.’’ पोंटिंग ने कोहली को शॉर्ट गेंद डालने वाले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की भी तारीफ की.

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ऑस्ट्रेलियाई टीम की यह पुरानी रणनीति है. वह विपक्षी टीमों के खिलाफ मेंटल डिसइंटीग्रेशन की रणनीति अपनाती है. इसमें टीम के खिलाड़ियों के साथ पूर्व खिलाड़ी, कमेंटेटर और स्थानीय मीडिया भी शामिल होती है. भारतीय टीम के मौजूदा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट कोहली के आक्रामक रवैये, पुजारा की धीमी बल्लेबाजी और भारतीय टीम की रणनीति पर सवाल उठाना इसी का हिस्सा है.

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हालांकि, पोंटिंग सीरीज शुरू होने से पहले से ही अजीबोगरीब बयान देते रहे हैं. पहले उन्होंने कहा था कि इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन उस्मान ख्वाजा बनाएंगे. सच्चाई यह है कि ख्वाजा अब तक चार पारियों में एक हाफ सेंचुरी लगा पाए हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष पांच खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं हैं.

 

इनपुट: एजेंसी