ओलम्पिक खेलों की मेजबानी के 12 दिन बाद ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जनेरियो एक बार फिर पैरालिम्पक खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। पैरा एथलीटों के लिए विशेष सुविधाओं की व्यवस्था पहले से ही की जा चुकी है। इसके साथ ही देश के मशहूर कोपाकाबाना बीच पर पैरालम्पिक खेलों के आंदोलन का चित्र भी बनाया गया है।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, पैरालमिप्क खेल गांव में पहला दल आने के बाद से ही कोपाकाबाना बीच पर तीन ‘एजीटोस’ बनाए गाए हैं जोकि पैरालम्पिक आंदोलन का मुख्य प्रतीक हैं।

यह प्रतीक चार मीटर लंबा और तीन मीटर चौंड़ा है। लाल, नीले और हरे रंग से बना यह प्रतीक बेकार प्लास्टिक के पुन: उपयोग से बनाया गया। इसके तीनों रंग पैरालम्पिक खेलों की भावना को दर्शाते हैं। इसे लोगों द्वारा काफी सराहाना भी मिल रही है।

अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईपीसी) के अध्यक्ष फिलिप क्रावेन ने प्रतीक के उद्घाटन पर कहा, “मैं पिछले बुधवार जैसे ही रियो डी जनेरियो आया तो मुझे लगा की इस शहर ने अपने आप को पैरालम्पिक खेलों की रूप रेखा और ऊर्जा में ढाल लिया है।” क्रावेन ने कहा कि इस बात का पता इस बात से भी लगाया जा सकता है कि खेलों के टिकटों की मांग पिछले कुछ दिनों से काफी बढ़ गई है। ये भी पढ़ें: गोल्ड में बदलेगा योगेश्वर दत्त का कांस्य पदक

दो सप्ताह पहले ही आयोजकों ने कहा था कि अभी तक 12 प्रतिशत टिकट ही बिके हैं और उन्हें वित्तीय सहायता के लिए मदद चाहिए होगी, लेकिन इस सप्ताह 15 से 25 लाख तक के टिकट बिक चुके हैं।