रियो ओलम्पिक के 7वें दिन भारत बैडमिंटन महिला डबल्स में भारत की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा। भारत की बैडमिंटन जोड़ी ज्वाला गट्टा और अश्विनी पोनप्पा नीदरलैंड के हाथों हारकर ओलम्पिक से लगभग बाहर हो गई हैं। पिछला मैच उन्होंने जापान की खिलाड़ी के खिलाफ हारा था। तीन सेटों तक चले आज के मैच में रोमांच देखने को मिला। पहला सेट नीदरलैंड की खिलाड़ी 21-16 से जीत गईं। दूसरे सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की थी और दूसरा सेट 21-16 से जीत लिया। तीसरे खेल में भी भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया लेकिन बचा नहीं सकी। तीसरा सेट हारकर बाहर हो गईं। Also Read - सुरेश रैना ने शेयर की बेटे Rio के साथ दिल छूने वाला Video, शटलर Jwala Gutta ने किया ये कमेंट

Also Read - कश्यप, प्रणॉय समेत चार भारतीय बैंडमिंटन खिलाड़ी कोविड-19 पॉजिटिव हुए

यह भी पढेंः रियो ओलम्पिक लाइव अपडेटः सातवें दिन बैडमिंटन, हॉकी, शूटिंग, तीरंदाजी और डिस्कस थ्रो के मुकाबले जारी Also Read - बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने कहा- टोक्यो ओलंपिक की दौड़ में शामिल हूं

भारतीय महिला बैडमिंटन जोड़ी ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा शुक्रवार को महिला युगल वर्ग के ग्रुप दौर में अपना दूसरा मैच भी हार गईं। इसके साथ ही शीर्ष भारतीय महिला बैडमिंटन जोड़ी ओलम्पिक में पदक की दौड़ से भी बाहर हो गई। ग्रुप-ए के रोमांचक मुकाबले में भारतीय जोड़ी को नीदरलैंड्स की एफी मस्केंस और सेलेना पीक की जोड़ी ने 21-16, 16-21, 21-17 से मात दी। ग्रुप के पहले मैच में शीर्ष वरीय जापानी जोड़ी से हारने के बाद भारतीय जोड़ी ने इस मैच में अच्छा संघर्ष किया, लेकिन 11वीं वरीय डच जोड़ी ने उनके 58 मिनट के संघर्ष को विफल कर दिया।

पहले गेम में 8-15 से पिछड़ने के बाद भारतीय जोड़ी वापसी नहीं कर पाई और 19 मिनट तक संघर्ष करने के बाद गेम गंवा दिया। इस गेम में ज्वाला और अश्विनी की जोड़ी मस्केंस और पीक की जोड़ी का कहीं भी मुकाबला करती नजर नहीं आई। पहले गेम में पिछड़ने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में अच्छी वापसी की और 7-5 से बढ़त ले ली। हालांकि नीदरलैंड्स की जोड़ी ने फिर 8-8 से बारबरी कर ली।

ज्वाला-अश्विनी ने हार नहीं मानी और लगातार तीन अंक जोड़ते हुए 11-8 से बढ़त ले ली। इसके बाद मुकाबला काफी कड़ा हो गया और दोनों देशों के खिलाड़ी एक-एक अंक के अंतर पर रहे। हालांकि भारतीय जोड़ी ने अंतत: 19-15 से बढ़त ले ली और इस बढ़त को कायम रखते हुए भारतीय जोड़ी ने 21-16 से दूसरा गेम अपने नाम किया। यह गेम भी 19 मिनट चला। तीसरे और निर्णयक गेम में भी दोनों जोड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। नीदरलैंड्स की जोड़ी ने पहला अंक हासिल करते हुए बढ़त बनाई, हालांकि भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6-6 से बराबरी कर ली। लेकिन फिर मस्केंस और पीक 11-8 से आगे निकल गईं।

यहां से भारतीय जोड़ी ने वापसी के काफी प्रयास किए और एक समय स्कोर 17-19 तक कम कर लिया, लेकिन यहां गुट्टा ने लगातार दो शॉट आउट मार दिए और 20 मिनट के संघर्ष को धूल में मिलाते हुए मैच गंवा बैठीं। ज्वाला-अश्विनी को अपने अगले मुकाबले में शनिवार को थाईलैंड की पुटिटा सुपारिजाकुल और सैपसीरी टेराटानाकाई की जोड़ी से भिड़ना है, हालांकि अब इस मुकाबले की उनके लिए कोई अहमियत नहीं रह गई है, क्योंकि इसमें मिली जीत भी अब उन्हें पदक की दौड़ में वापस नहीं ला सकती।

भारत एक के बाद एक हर खेल में निराशा हाथ लग रही है। रियो ओलम्पिक में भारत अभी तक एक भी मेडल नहीं जीता। यह भी कहा जा सकता है कि भारत का भाग्य भी इस ओलम्पिक में साथ नहीं दे रहा। क्योंकि कुछ देर पहले हुए तीरंदाजी के मुकाबले में 1 प्वाइंट से हार गए। आज मेंस बैडमिंटन में भी भारत का मुकाबला चीन से जारी है।