रियो डी जनेरियो, 17 अगस्त (आईएएनएस)| ब्राजील की मेजबानी में चल रहे 31वें ओलम्पिक खेलों में बेल्जियम ने उलटफेर करते हुए नीदरलैंड्स को शिकस्त दे पुरुषों की हॉकी स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल में उसका सामना अर्जेटीना से होगा जिसने दो बार की ओलम्पिक विजेता जर्मनी को मात देकर फाइनल में कदम रखा है। विश्व की नंबर-6 टीम बेल्जियम ने मंगलवार को बड़े मैच का दबाव अपने ऊपर दिखने नहीं दिया और बेहतरीन प्रदर्शन कर मजबूत टीम नीदरलैंड्स के ओलम्पिक सफर को खत्म किया। Also Read - National Sports Awards 2020: क्या Hitman रोहित शर्मा को चुनौती दे पाएगी महिला 'तिकड़ी'

Also Read - क्रिकेटरों के बाद हॉकी दिग्गजों ने अफरीदी को लगाई फटकार; कहा- खिलाड़ी को शोभा नहीं देती बयानबाजी

यह भी पढेंः रियो ओलम्पिकः सलमान खान हर भारतीय एथलीट को देंगे 1 लाख का ईनाम Also Read - गरीबों को खाना खिलाने के लिए फंड इकट्ठा करेगी भारतीय महिला हॉकी टीम

पहले क्वार्टर में दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर सकीं, लेकिन दूसरे क्वार्टर में कुल तीन गोल हुए। पहला गोल बेल्जियम ने किया। 25वें मिनट में उसे पेनाल्टी कॉर्नर मिला जिसे जेरोमे ट्रायेंस ने गोल में बदल कर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। कप्तान जॉन दोहमैन ने चार मिनट बाद शानदार फील्ड गोल करते हुए बेल्जियम की बढ़त को 2-0 कर दिया। दूसरे क्वार्टर के अंतिम मिनट में नीदरलैंड्स के पेनाल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ मिंक वान डर वीरडेन ने पेनाल्टी कॉर्नर से गोल कर स्कोर 1-2 से कम कर लिया।

हालांकि नीदलैंड्का का यह एकमात्र गोल साबित हुआ। तीसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका लेकिन चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही फ्लोरेंट वान एयुबेल ने एक और शानदार फील्ड गोल कर बेल्जियम की जीत पक्की की। डोहमैन ने मैच के बाद कहा, “यह हमारे लिए ऐतिहासिक रात है। हॉलैंड के खिलाफ यह शानदार मैच था। जहां तक मुझे याद है हमने उन्हें किसी आधिकारिक टूर्नामेंट में नहीं हराया है। अब हम टूर्नामेंट में शानदार खेल रहे हैं। यह हमारे जीवन का ऐतिहासिक टूर्नामेंट है, ओलम्पिक में यह सही समय है।”

स्वर्ण पदक के लिए अर्जेटीना के खिलाफ होने वाले मैच पर उन्होंने कहा, “उन्होंने सेमीफाइनल में अच्छा खेल खेला था। मेरे लिए यह इस समय की दो सर्वश्रेष्ठ टीमें हैं जो फाइनल खेलेंगी।” उल्लेखनीय है कि ओलम्पिक को निश्चित तौर पर नया चैम्पियन मिलेगा।