रियो ओलम्पिक से भारत के लिए हारकर भी जीतने वाली खबर मिल रही है। जी हाँ, भारत की स्टार बैैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भले ही बैडमिंटन के महिला सिंगल्स फाइनल मुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त कैरोलिना मरीन से हार गई हों लेकिन उन्होंने फिर भी रजत पदक और करोड़ो लोगो का दिल जीत लिया है। इस मुकाबले को हारकर भी पीवी सिंधु ने इतिहास बना दिया। वह देश की एक मात्र महिला खिलाड़ी हैं जिन्हें ओलम्पिक में रजत पदक मिला। उनकी इस उपलब्धि से पूरा देश खुशी से झूम रहा है। इसी के साथ भारत की झोली में दो मेडल आ चुके हैं। इससे पहले महिला पहलवान साक्षी मलिक कुश्ती में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। रियो ओलम्पिक के फाइनल में तीन सेटों के मैच में पहला सेट पीवी सिंधु ने जीता, दूसरा और तीसरा सेट कैरोलिना मारीन ने जीतकर मैच अपने नाम किया। लेकिन हर व्यक्ति आज पीवी सिंधु की जीवटता की तारीफ कर रहा है। Also Read - Swiss Open 2021: स्विस ओपन के फाइनल में एकतरफा मुकाबले में मारिन से हारीं विश्व चैम्पियन पीवी सिंधु

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पीवी सिंधु पहली बार ओलम्पिक खेलों में हिस्सा ले रही थीं फिर भी अपने खेल से उन्होंने सभी को हैरान कर दिया। एक ऐसे वक्त में जब एक के बाद एक सेलिब्रिटी खिलाड़ी भारत की मेडल की उम्मीदों को निराशा दे रहे थे उस वक्त पीवी सिंधु ने न सिर्फ उम्मीदों को जिंदा रखा बल्कि भारत के लिए रजत पदक भी पक्का किया। ओलम्पिक में शुरुआती खेल से ही पीवी सिंधु एक चैम्पियन की तरह खेली। सेमीफाइनल में उनके प्रदर्शन को कौन भुला सकता है, जब उन्होंने सवा सौ करोड़ भारतीयों की उम्मीद को जिंदा रखते हुए छठी वरीयता प्राप्त जापान की निजोमी ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-19, 21-10 से हरा दिया था। आज भी उन्होंने शानदार खेल दिखाया।

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पीवी सिंधु का जन्म 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में हुआ था। सिंधु के पिता पीवी रमन्ना और माँ पी विजया वॉलीबाल खिलाड़ी रह चुके हैं। पिता रमन्ना को तो वॉलीबाल के लिए अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है। लेकिन उन्होंने अपनी बेटी के मन का करने दिया और बैडमिंटन खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। पीवी संधु की इस सफलता में कोच पी गोपीचंद का भी एक बड़ा योगदान है। सिंधु की इस उपलब्धि के पीछे उनकी भी बहुत मेहनत है । सिंधु के पिता ने कहा कि यह सिंधु के साथ कोच गोपीचंद की भी जीत है।