नई दिल्‍ली: आईपीएल-11 के 42वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रिषभ पंत सेंचुरी लगाकर भी अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए. इसके साथ उनकी टीम की लीग के इस सीजन में प्‍लेऑफ में पहुंचने की उम्‍मीदें भी खत्‍म हो गईं, लेकिन पंत की बल्‍लेबाजी ने क्रिकेट प्रशंसकों दिल जीत लिया. उनकी यह शतकीय पारी इसलिए खास थी क्‍योंकि इससे पहले उनकी गलतियों से टीम के दो बल्‍लेबाज रन आउट हो चुके थे. पंत दबाव में थे, लेकिन इसे उन्‍होंने मैदान पर बेहतर प्रदर्शन का मोटिवेटर बना लिया. हालांकि, मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करना हमेशा से पंत की खासियत रहा है और इस मामले में वे सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली से कमतर नहीं हैं. Also Read - सूर्यकुमार यादव को घूर रहे थे विराट कोहली, अब मुंबई इंडियंस ने यूं दिया जवाब

कुछ ही ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जो उनके माता या पिता की मृत्‍यु के बाद मैदान पर वापसी करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन कर पाए हैं. इनमें सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के साथ रिषभ पंत भी शामिल हैं. आईपीएल के पिछले सीजन के दौरान 4 अप्रैल को उनके पिता की मृत्‍यु हो गई थी. पंत ने इसके बाद आते ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 36 गेंद में 57 रन की पारी खेली थी. वे अपनी टीम के लिए सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाज थे. हालांकि, उस बार भी वे अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए थे. लेकिन ऐसी पारियां जीत और हार से ज्‍यादा खिलाड़ी के संघर्ष की क्षमता की ओर इशारा कर जाते हैं. इस पैमाने पर पंत अपने सीनियर सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के नक्‍शेकदम पर हैं. Also Read - India Tour Of Australia 2020-21: ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टीम में 3 चौंकाने वाले नाम शामिल

बता दें कि 1999 वर्ल्‍ड कप के दौरान सचिन के पिताजी का देहांत हो गया था. सचिन टूर्नामेंट के बीच में उनके अंतिम संस्‍कार के लिए भारत आए. फिर लौटकर केन्‍या के खिलाफ शतकीय पारी खेली थी. उन्‍होंने 140 रनों की पारी खेल टीम इंडिया को जीत दिलाई थी. इसी तरह, 19 दिसंबर, 2006 को जब विराट कोहली के पिता की मृत्‍यु हुई थी तब वे कर्नाटक के खिलाफ रणजी ट्रॉफी का मैच खेल रहे थे और 40 रन पर नाबाद थे. उन्‍होंने अगले दिन अपनी पारी को न केवल आगे बढ़ाया बल्कि 90 रन बनाकर टीम को फॉलोऑन से बचा लिया. Also Read - WATCH: विराट कोहली के सामने चुप रहकर भी कई बातें बोल गए सूर्यकुमार यादव, फैंस ने की युवा बल्लेबाज की तारीफ

पंत हालांकि अपनी कोशिशों के बावजूद पिछले सीजन में भी टीम को चुनौतीपूर्ण स्‍कोर तक ही पहुंच गए थे. आईपीएल-11 में हैदराबाद के खिलाफ भी उनका शतक टीम को अच्‍छे स्‍कोर तक तो ले गया, लेकिन जीत फिर भी दूर रह गई. हालांकि, इस बार उनके ऊपर दबाव अलग तरह का था.