पेरिस। मैड्रिड ओपन के क्वार्टर फाइनल में हारे रफेल नडाल ने अपनी शीर्ष रैंकिंग गंवा दी है और स्विस धुरंधर रोजर फेडरर एक बार फिर एटीपी रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज हो गये हैं. फेडरर मार्च के बाद टेनिस कोर्ट में एक बार भी नहीं उतरने के बावजूद भी आज जारी ताजा रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गये. पूर्व विश्व नंबर एक नोवाक जोकोविच को मैड्रिड मास्टर्स के दूसरे दौर में हार का खामियाजा भुगतना पड़ा और वह छह स्थान नीचे खिसक कर रैंकिंग में 18 वें स्थान पर पहुंच गये. इस टूर्नामेंट को जीतने वाले अलेक्जेंडर ज्वेरेव तीसरे स्थान पर बरकरार हैं.

शापोवालोव को सबसे ज्यादा फायदा

मैड्रिड मास्टर्स में नडाल को हराने वाले डोमिनिक थियेम (आठवें स्थान पर) भी एक पायदान नीचे खिसक गये जिन्हें सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के केविन एंडरसन ने शिकस्त दी. इस जीत के साथ ही एंडरसन अपनी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग सातवें स्थान पर पहुंच गये. रैंकिंग में सबसे ज्यादा फायदा इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले डेनिस शापोवालोव को हुआ जो 14 स्थानों के सुधार के साथ 29 वें स्थान पर पहुंच गये हैं.

महिला रैंकिंग

महिलाओं में मैड्रिड ओपन में जीत दर्ज करने वाली चेक गणराज्य की पेट्रा क्वितोवा को दो स्थानों का फायदा हुआ और वह रैंकिंग में आठवें स्थान पर पहुंच गयी. फाइनल में क्वितोवा से हारने के बाद भी किकी बेर्टींस ने रैंकिंग में पांच स्थानों का सुधार किया और वह 15 वें स्थान पर आ गयी. रैंकिंग में रोमानिया की सिमोना हालेप , डेनमार्क की कैरोलीन वोज्नियाकी और स्पेन की गारबाइन मुगुरुजा शीर्ष पर बनीं हुई है.

फेडरर का करिश्मा

बता दें कि स्विट्जरलैंड के स्टार टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर ने पिछले साल को फाइनल में क्रोएशिया के मारिन सिलिच को सीधे सेटों में मात देकर रिकॉर्ड आठवीं बार विंबलडन का पुरुष सिंगल्स खिताब जीतकर इतिहास रचा था. ये फेडरर के करियर का 19वां ग्रैंड स्लैम खिताब था. उन्होंने पहले ही सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतने के अपने रिकॉर्ड को उन्होंने और बेहतर किया. फेडरर ने फाइनल में सिलिच को सीधे सेटों में 6-3, 6-1, 6-4 से मात देते हुए आठवीं बार विंबलडन खिताब जीता था.

फेडरर 35 वर्ष की उम्र में विंबलडन जीतने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए. उनसे पहले 1975 में आर्थर ऐशे ने 32 साल की उम्र में विंबलडन जीता था. ये इस साल का फेडरर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है, इससे पहले जनवरी में उन्होंने राफेल नडाल को मात देकर ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था.