नई दिल्ली. 3 वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के नाम रहा. मेजबान टीम ने सिडनी में खेले पहले वनडे में टीम इंडिया को 34 रन से हराया. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इस हार में बड़ा रोल रोहित शर्मा का है. दरअसल, रोहित ने सिडनी में लक्ष्य का पीछा करते हुए जमाया तो शतक लेकिन, उनके बल्ले से निकले इसी शतक में भारतीय टीम की हार की मिस्ट्री भी छिपी है. जिस शतक से रोहित ने वनडे क्रिकेट में नए साल की शानदार शुरुआत की, लगातार 10वीं वनडे सीरीज में शतक जमाने का कीर्तिमान बनाया और सबसे बढ़कर विव रिचर्ड्स का रिकॉर्ड भी तोड़ा, उसी शतक ने टीम इंडिया को हरा भी दिया.

 रिकॉर्डतोड़ शतक, फिर भी गए हार

हम ऐसा क्यों कह रहे हैं अब जरा वो समझिए. रोहित शर्मा ने सिडनी वनडे में 129 गेंदों का सामना करते हुए 133 रन बनाए, 10 चौके और 6 छक्के के दम पर. ये उनके वनडे करियर का 22वां शतक है और शायद सबसे उम्दा शतकों में से एक भी. ये ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके बल्ले से निकला 7वां शतक है. ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया चौथा शतक है, जिसके बूते उन्होंने विव रिचर्ड्स के सबसे ज्यादा 3 शतकों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया. लेकिन विव रिचर्ड्स का रिकॉर्ड तोड़ने वाला रोहित का शतक टीम इंडिया की जीत की कहानी नहीं लिख सका.

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रोहित का शतक यानी हार को दावत!

दरअसल, रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा 4 शतक बनाने का जो रिकॉर्ड बनाया है, उन सबमें टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है. रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला शतक जनवरी 2015 में मेलबर्न में बनाया था, जब उनकी 138 रन की पारी के बावजूद भारत हार गया था. दूसरा शतक ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ उन्हीं की धरती पर रोहित के बल्ले से जनवरी 2016 में पर्थ में नाबाद 171 रन की पारी के तौर पर निकला. इस मुकाबले में भी टीम इंडिया हार गई. तीसरा शतक जनवरी 2016 में ही ब्रिस्बेन में 124 रन की पारी के तौर पर निकला, लेकिन भारत ये मुकाबला भी हार गया. और, अब चौथा शतक सिडनी में इस साल जनवरी में देखने को मिला, लेकिन नतीजा इस बार भी नहीं बदला.

साफ है ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित शर्मा के शतक का जनवरी महीने से खास कनेक्शन तो दिखता है लेकिन जीत से उसका 36 का आंकड़ा ही नजर आ रहा है.