भारतीय क्रिकेट टीम में लगभग 13 साल पूरे कर चुके रोहित शर्मा ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने लिए दीर्घकालिक लक्ष्य नहीं तय किए। भारतीय उपकप्तान का मानना है कि भविष्य के लिए पहले से पैमाने तय करने से केवल दबाव बढ़ता है। Also Read - लॉकडाउन के बीच हार्दिक पांड्या ने दी पत्नी नताशा की प्रेग्नेंसी की खबर; फैंस ने दी बधाई

स्टार स्पोर्ट्स के शो क्रिकेट कनेक्टेड पर रोहित ने कहा, “मैंने इतने सालों में ये महूसस किया है कि लंबे लक्ष्य आपकी मदद नहीं करते हैं, इसके बदले आप पर दबाव और तनाव को बढ़ा देते हैं। मैंने हमेशा छोटे लक्ष्यों पर ध्यान दिया है जो आमतौर पर अगले दो-तीन महीनों में खेले जाने वाले मैच होते हैं, इसी पर ध्यान रहता है कि ये मैच किसके खिलाफ हैं और मैं इनमें अपना सर्वश्रेष्ठ कैसे दे सकता हूं। हर सीरीज और टूर्नामेंट के लिए लक्ष्य बनाने से मुझे मदद मिली है और मैं भविष्य में भी यही करूंगा।” Also Read - टेस्ट डेब्यू से पहले रात भर नहीं सोए थे सुरेश रैना

कोविड-19 की वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर लगे ब्रेक पर रोहित ने कहा, “आने वाले सालों में मुझे लगता है कि हमें क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा, अभी तो हम नहीं जानते कि हम दोबारा कब खेलेंगे।” Also Read - राजीव गांधी खेल रत्न पाने वाले चौथे क्रिकेटर बन सकते हैं रोहित शर्मा; जानें क्यों हैं इस सम्मान के हकदार

इस महामारी से फैली स्थिति ठीक नहीं हो रही है और इसी कारण इसी साल के अंत में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप पर भी सवाल हैं।

33 साल के बल्लेबाज ने कहा, “जब हम क्रिकेट दोबारा शुरू करेंगे तब देखेंगे कि हमारे सामने क्या स्थिति आती है- चाहे वो आईपीएल हो या टी-20 विश्व कप। हमें ऑस्ट्रेलिया के साथ भी सीरीज खेलनी है। हमें देखना होगा कि हम किसके खिलाफ खेल रहे हैं।”