दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ पहले टेस्ट में भारतीय टीम की जीत ने नायकों में से एक रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को दो शतकीय पारियां खेलने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला। बतौर सलामी बल्लेबाज रोहित का ये पहला टेस्ट मैच था और उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। रोहित ने बताया कि उन्हें लगभग एक साल पहले से ही सलामी बल्लेबाज की भूमिका के बारे में बता दिया था और उन्होंने इस पर खरा उतरना के लिए अपने खेल में कुछ बदलाव किए।

टेस्ट क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी के किए बदलाव पर रोहित ने कहा, “चाहे आप रेड बॉल क्रिकेट खेंलें या वाइड बॉल, शुरुआत में सावधान रहना होता है। मेरा ध्यान बेसिक्स पर था- आउटसाइड ऑफ की गेंद को छोड़ना और शरीर के करीब खेलना। मेरा काम यहां पर एक निश्चित तरीके का खेल खेलने का है और आगे बढ़ते हुए मैं यही करने की कोशिश करूंगा। मेरा खेल आक्रामकता और सावधानी का मिश्रण है। बल्लेबाजी करते हुए चीजें हालात पर निर्भर करती हैं।”

विशाखापत्तनम टेस्ट में अपने प्रदर्शन को लेकर रोहित ने कहा, “मैं केवल मैदान पर जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था। मेरे लिए शीर्ष क्रम पर ये बहुत अच्छा मौका था। मैं इस मौके के लिए शुक्रगुजार हूं, ये जानते हुए कि मैंने ये पहले कभी नहीं किया था। ध्यान मैच जीतने पर था और मुझे लगता है आज हमने सब कुछ किया।”

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रोहित ने आगे कहा, “कुछ साल पहले ही मुझे ये बता दिया गया था कि मैं टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी कर सकता हूं। नेट में भी मैं नई गेंद के साथ अभ्यास करता था। मैं ये नहीं कहूंगा कि ये (टेस्ट में सलामी बल्लेबाजी करना) आश्चर्यजनक था।”