वनडे में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के एकलौते बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने कहा कि उन्हें एक भी दोहरा शतक लगाने की उम्मीद नहीं थी। भारतीय सीमित ओवर फॉर्मेट टीम के कप्तान रोहित ने कभी सोचा नहीं था कि वो 2013 में बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने वनडे करियर का पहला दोहरा शतक लगाएंगे। Also Read - टीम इंडिया के लिए खास है रोहित शर्मा-विराट कोहली की जोड़ी : कुमार संगकारा

सीनियर भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के साथ इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान रोहित ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि वनडे में कभी दोहरा शतक लगाऊंगा। मैं अच्छी बल्लेबाजी करना चाहता था और पिच भी बहुत अच्छी थी।” Also Read - 35 साल के हुए निदाहास ट्रॉफी के नायक दिनेश कार्तिक, क्रिकेट जगत से आई शुभकामनाएं

एम चिन्नास्वामी की बल्लेबाजों की मददगार पिच पर रोहित ने 158 गेंदों पर 209 रन की पारी खेली थी। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 12 चौके और 16 छक्के लगाए थे। भारत ने सीरीज के सातवें मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 57 रन से जीत दर्ज की थी। Also Read - 'हिटमैन' रोहित शर्मा ने BCCI का जताया आभार, जानिए वजह

रोहित ने बताया कि पूर्व बल्लेबाज युवराज सिंह ने उनसे कहा था कि एक ओपनर होने के नाते आपके पास एक बड़ा स्कोर बनाने का मौका है। उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि युवी (युवराज सिंह) मुझसे कह रहे थे कि तुम्हारे लिए ये एक बड़ा मौका है। आपको अभी केवल बल्लेबाजी की शुरुआत करनी है। उन्होंने मुझसे कहा था कि तुम्हारे पास बड़ा स्कोर बनाने का ये एक अच्छा मौका है। मैच से पहले ये एक अच्छी बातचीत थी।”

भारतीय सलामी बल्लेबाज ने कहा, “जब मैं दोहरा शतक लगाने के बाद वापस पवेलियन गया तो मुझसे किसी ने कहा कि यदि आप एक ओवर और बल्लेबाजी कर लेते तो आप वीरेंद्र सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ देते। ड्रेसिंग रूम में काफी ज्यादा उम्मीदें होती हैं, वहां पर तीन या चार लोग थे जो चाहते थे कि मैं 10-15 रन और बनाता। उनमें युवराज सिंह और शिखर धवन भी हो सकते हैं।”

बता दें कि श्रीलंका के खिलाफ 13 नवंबर 2014 को अपने पसंदीदा स्टेडियम ईडन गार्डन में खेले गए मैच में 264 रन बनाकर सहवाग का रिकॉर्ड तोड़ दिया। फिलहाल वनडे में सर्वोच्च निजी स्कोर का रिकॉर्ड रोहित के नाम है।