नई दिल्ली: टीम इंडिया ने इंग्लैंड को उसी के घर में हराकर यह साबित कर दिया कि वह टी-20 फॉर्मेट में सबसे दमदार टीम है. भारत की जीत में रोहित शर्मा की बहुत बड़ी भूमिका रही. उन्होंने सीरीज के तीसरी और आखिरी मैच में नाबाद शतक जड़ा, जो कि ऐतिहासिक रहा. वो इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं. उन्होंने 3 पारियों में 15 चौकों और 6 छक्कों की मदद से 137 रन बनाए. सीरीज जीत के बाद रोहित ने अपनी रणनीति बताई. वो पहले मैच में 32 रन और दूसरे मैच में महज 5 रन बनाकर आउट हुए. लेकिन तीसरे मैच में ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि आखिर कैसे तीसरे मुकाबले में शतक जड़ दिया.

रोहित को ‘मैन ऑफ द मैच’ और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ चुना गया. उन्होंने कहा कि परिस्थितियां का अनुमान लगाना महत्वपूर्ण था. रोहित ने कहा, ‘‘यह खेल की मेरी शैली है. पारी के शुरू में परिस्थितियों का आंकलन करना महत्वपूर्ण था. हमें पता था कि विकेट बल्लेबाजी के लिये अच्छा है और बाउंड्री छोटी है. मैं शांतचित होकर खेलना चाहता था. मैं जानता था कि क्रीज पर टिके रहने से आप बाद में रन बना सकते हो. ’’

इंग्लैंड को 2-1 से हराने के बाद कोहली ने रोहित को नहीं बल्कि इस खिलाड़ी को दिया जीत का श्रेय

उन्होंने कहा, ‘‘चार फील्डर्स के तीस गज की लाइन के अंदर होने के कारण आपके पास मौका होता है और पांड्या ने पिछले कुछ वर्षों से इसका ऐसा करता रहा है. उसने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा था. टीम उससे यही चाहती थी.’’

रोहित ने हासिल किया ऐतिहासिक मुकाम, ऐसा करने वाले भारत के पहले बल्लेबाज

गौरतलब है कि टी-20 के पहले मैच में टीम इंडिया ने 8 विकेट से जीत हासिल की. जब कि दूसरे मैच में उसे 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद तीसरे मैच में भारत ने 7 विकेट से जीत हासिल की. यह मैच कई मायनों में खास रहा. जहां रोहित ने अपने 2000 टी-20 इंटरनेशनल रन पूरे किए. वहीं महेन्द्र सिंह धोनी एक टी-20 इंटरनेशनल मैच में 5 कैच लेने वाले पहले खिलाड़ी बने. इसके अलावा दीपक चाहर को डेब्यू का मौका मिला.