भारत को 18 से 22 जून तक आईसीसी वर्ल्‍ड टेस्‍ट चैंपियनशिप (ICC World Test Championship) में न्‍यूजीलैंड (India vs New Zealand) का सामना करना है. भारत के पास इस महामुकाबले के लिए विराट कोहली (Virat Kohli), रोहित शर्मा (Rohit Sharma), अजिंक्‍य रहाणे (Ajinkya Rahane) जैसे धुरंधर हैं. हालांकि इसके बावजूद रिकॉर्ड्स बताते हैं कि बीते कुछ सालों में ये सभी आईसीसी के नॉकआउट मुकाबलों में फेल साबित हुए हैं. भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी दीपदास गुप्‍ता (Deep Dasgupta) ने ये मुद्दा उठाया. Also Read - WTC Final: बारिश के बाद क्या प्लेइंग XI में बदलाव करेगी टीम इंडिया! कोच ने कही यह बात

स्‍पोर्ट्स तक से बातचीत के दौरान दीपदास गुप्‍ता (Deep Dasgupta) ने कहा, “अब नंबरों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हो. आमतौर पर आप चाहते हैं कि आपके सर्वश्रेष्‍ठ बल्‍लेबाज और गेंदबाज नॉकआउट मुकाबलों में अच्‍छा प्रदर्शन करें. हमारे पास कोई स्‍पष्‍ट कारण नहीं है कि आखिर क्‍यों वो ऐसा नहीं कर पाते हैं. मुझे यह भी लगता है कि इस चीज के बारे में उन्‍हें नहीं सोचना चाहिए.” Also Read - New Zealand जैसी दमदार टीम के खिलाफ चीजों को सरल रखना जरूरी: Rohit Sharma

भारत ने अपना आखिरी आईसीसी इवेंट साल 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्‍तानी में जीता था. उस वक्‍त टीम इंडिया चैंपियन्‍स ट्रॉफी अपने नाम करने में सफल रहे थी. इसके बाद भारत ने हर बार आईसीसी के नॉकआउट मैचों में पहुंचने के बाद भी हार का स्‍वाद चखा. Also Read - मैं Virat Kohli के खिलाफ माइंड गेम का इस्तेमाल करता था: Dale Steyn

दीपदास गुप्‍ता (Deep Dasgupta) ने कहा, “जब भी इस तरह के नंबर सामने आते है तो आप दबाव में आने लगते हो. मैं उम्‍मीद करता हूं कि वो इस बारे में सोच नहीं रहे होंगे. मैं इसे लेकर आश्‍वस्‍त नहीं हूं कि वो इस बारे में नहीं सोच रहे. मैंने उनसे इस बारे में बातचीत नहीं की है. सच्‍चाई यही है कि नॉकआउट मैचों में उन्‍होंने रन नहीं बनाए हैं.”

उन्‍होंने (Deep Dasgupta) आगे कहा, “मुझे लगता है कि भारत को साल 2017 में पाकिस्‍तान के खिलाफ चैंपियनट्रॉफी का फाइनल मुकाबला जीतना चाहिए था. एक नोबॉल ने मैच हरा दिया. हमें अब उस बारे में बात नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा वानखेडे में टी20 विश्‍व कप का विंडीज के खिलाफ मुकाबला. उस वक्‍त टॉस ने अहम भूमिका निभाई. हर मैच के बीच अलग भूमिका रही है. हमें एक एक कर सभी को देखना होगा. मैं इनके लिए भारत को चोकर नहीं कहूंगा.”