भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा है कि 2007 टी20 विश्व कप के फाइनल में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की पारी बेहद खास थी, जिसे अधिकतर लोग भूल जाते हैं। Also Read - बॉल-आउट के बारे में जानते ही नहीं थे पाकिस्तानी कप्तान शोएब मलिक: इरफान पठान

भारत ने 24 सितंबर 2007 को जोहान्सबर्ग में पाकिस्तान को फाइनल में मात दे पहले टी20 विश्व कप को अपने नाम किया था। इस मैच में गौतम गंभीर ने 54 गेंदों पर 75 रनों की पारी खेली थी। वहीं इरफान पठान (Irfan Pathan) और आरपी सिंह (RP Singh0 ने तीन-तीन विकेट लिए थे। Also Read - 'इंटरनेशनल लेफ्ट हैंडर्स डे' पर बाएं हाथ के टॉप-10 दिग्गज बल्लेबाजों को सलाम

युवराज ने स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए कहा, “गौतम और इरफान का फाइनल शानदार रहा था। इसलिए मुझे लगता है कि वो संयुक्त प्रयास था। हां, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैंने दो अहम पारियां खेली थीं, जिससे हमें आगे आने में मदद मिली थी।” Also Read - अगर भारत नहीं कर सका मेजबानी तो श्रीलंका या यूएई में होगा 2021 टी20 विश्व कप

युवराज ने कहा कि लोग हमेशा फाइनल में रोहित की पारी को भूल जाते हैं। उन्होंने 16 गेंदों पर 30 रन बनाए थे और भारत के स्कोर को 150 के पार ले गए थे। अपनी पारी में उन्होंने कुछ चौके और एक छक्का मारा था।

युवराज ने कहा, “हर कोई मेरी और गौतम की बात करता है लेकिन कोई भी रोहित की 18,20 गेंदों में बनाए गए उन 36 (रोहित ने उस मैच में 16 गेंदों पर 30 रन बनाए थे) रनों को याद नहीं करता जिसने हमें 160 (पांच विकेट पर 157) तक पहुंचाया।”

उन्होंने कहा, “वो टूर्नामेंट की सबसे अहम पारी थी। इरफान ने तीन विकेट लिए थे और मैन ऑफ द मैच रहे थे लेकिन मुझे लगता है कि फाइनल में रोहित की पारी खास थी।”