दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और पूर्व विस्फोटक ओपनिंग बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) एक बार फिर एक साथ ओपनिंग करते दिखाई देंगे. सचिन सहवाग के अलावा दुनिया के महान खिलाड़ियों में शुमार ब्रायन लारा और मुथैया मुरलीधरन जैसी हस्तियां भी मैदान पर उतरेंगी. ये सभी खिलाड़ी अगले महीने 2 से 21 मार्च तक रायपुर में खेले जाने वाले ‘अनअकैडमी सड़क सुरक्षा वर्ल्ड सीरीज (रोड सेफ्टी वर्ल्ड टी20 सीरीज) में एक खेलेंगे.’Also Read - Sachin Tendulkar के फैन Sudhir Kumar को बिहार पुलिस ने पीटा, DSP से शिकायत

इस रोड सेफ्टी वर्ल्ड टी20 सीरीज का आगाज पिछले साल हुआ था, तब भी इन सभी दिग्गज खिलाड़ियों ने इसमें भाग लिया था. लेकिन तब कोविड- 19 (Covid- 19) महामारी के चलते इस सीरीज का पहला सत्र 4 मैचों के बाद निलंबित कर दिया था. इस सीरीज के आयोजकों ने मंगलवार को घोषणा की कि शेष सभी मैच रायपुर में 65,000 दर्शकों की क्षमता वाले नवनिर्मित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे. Also Read - 'Road Safety World Series' में नहीं खेलेंगे Sachin Tendulkar, आयोजकों ने नहीं किए हैं कई खिलाड़ियों के भुगतान

यहां जारी मीडिया विज्ञप्ति के मुताबिक, ‘सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, ब्रायन लारा, ब्रेट ली, तिलकरत्ने दिलशान, मुथैया मुरलीधरन के साथ क्रिकेट खेलने वाले 5 देशों के कई और पूर्व दिग्गज इस वार्षिक टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट में जादू बिखेरेंगे. इसमें ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका, वेस्टइंडीज और मेजबान भारत के कई पूर्व क्रिकेटर भाग लेंगे. इसका आयोजन देश में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए किया जा रहा है.’ Also Read - IND vs SA, 1st ODI: Virat Kohli ने खत्म की 'दादागिरी', इस मामले में Sourav Ganguly को पछाड़ा

उन्होंने कहा, ‘चूंकि देश में क्रिकेट सबसे अधिक लोकप्रियता वाला खेल है और यहां क्रिकेटरों को आदर्श नायकों के तौर पर देखा जाता है. ऐसे में इस लीग का उद्देश्य सड़कों पर अपने व्यवहार के प्रति लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की है.’

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ‘सड़क सुरक्षा वर्ल्ड सीरीज टी20’ के दौरान रायपुर में दिग्गजों की मेजबानी करना गर्व और सम्मान की बात है. उन्होंने कहा, ‘यह एक अद्भुत अवधारणा है कि लोगों को सड़क पर होने वाले खतरे के बारे में जागरूक किया जाए. यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय सड़कों पर हर 4 मिनट में एक व्यक्ति की मौत होती है.

इनपुट : एजेंसी