नई दिल्ली. करीब ढाई दशक तक जिस एक बल्लेबाज ने अपनी काबिलियत के बूते वर्ल्ड क्रिकेट पर श्रेष्ठता का झंडा बुलंद किए रखा वो नाम है सचिन तेंदुलकर का. अब सचिन की सल्तनत को विराट बखूबी आगे बढ़ाते दिख रहे हैं. विराट की इस खूबी को देखकर मास्टर ब्लास्टर ने भी उन्हें सराहा है. सचिन ने कहा है कि अपनी कमजोरी को पहचानने की क्षमता और उनमें सुधार के लिए लगातार मेहनत विराट कोहली को दुनिया के दूसरे टॉप के बल्लेबाजों से जुदा करती है. Also Read - एमएस धोनी, विराट कोहली ने सौरव गांगुली की तरह मेरा साथ नहीं दिया: युवराज सिंह

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तेंदुलकर ने कोहली के बारे में कहा, ‘‘मैं हमेशा उसकी आंख में भूख और आग देख सकता हूं. उसके बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि जैसे ही उसे लगता है कि किसी विभाग में काम करने की जरूरत है वह तुरंत ही नेट पर जाकर उन चीजों पर काम करता है.’’ ‘स्काई स्पोर्ट्स’ ने तेंदुलकर के हवाले से कहा, ‘‘एक खिलाड़ी तभी आगे बढ़ सकता है जब वह स्वीकार करे और इसके लिए स्वीकार करना पड़ता है कि ये वे विभाग हैं जहां मैंने अच्छा नहीं किया है और मुझे इन चीजों में बदलाव करने की जरूरत है.’’ Also Read - BCCI अधिकारी का प्रस्‍ताव, अगर टी20 विश्‍व कप रद्द हुआ तो अक्‍टूबर-नवंबर में हो IPL

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इंग्लैंड में ‘हिट’ होने का दिया फॉर्मूला

कोहली ने अब तक 66 टेस्ट में 53.40 की औसत से 5554 रन बनाए है. वह चार साल पहले हालांकि इंग्लैंड दौरे पर नाकाम रहे थे और पांच टेस्ट में 13.40 की औसत से सिर्फ 134 रन बना पाए थे. तेंदुलकर ने कोहली को सलाह दी कि वह मैच से पहले तैयारी के अपने तरीके पर बरकरार रहें और फार्म में आ रहे उतार-चढ़ाव को लेकर परेशान नहीं हों.

विराट की बराबरी कोई नहीं कर सकता- शास्त्री

बता दें कि भारतीय कोच रवि शास्त्री भी कोहली के जज्बे और कड़ी मेहनत के कायल हैं और वो बताते हैं कि इसका असर पूरी टीम पर है. शास्त्री के मुताबिक, ” विराट के काम के प्रति जिम्मेदारी की कोई बराबरी नहीं है. ड्रेसिंग रूम में वो जज्बा लेकर आता है. वह प्रतिस्पर्धा पेश करना चाहता है और यह बीमारी की तरह है- लोग उसकी राह पर चलना चाहते हैं. युवा उसकी तरह बनना चाहते हैं.”