हाल ही में खत्म हुए एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के टॉप आर्डर बल्लेबाज स्टीव स्मिथ के प्रदर्शन से सब प्रभावित है.  पांच मैचों की श्रृंखला में ऑस्ट्रेलिया की दस पारियों में से तीन में बल्लेबाजी नहीं करने के बावजूद 30 वर्षीय स्मिथ ने 774 रन बना दिए. स्मिथ की लगातर अच्छी और बड़ी पारी की मदद से ये सीरीज 2-2 पर ड्रा हुआ. कई लोगों ने यह समझने की कोशिश की है कि स्मिथ को अपनी अपरंपरागत तकनीक से इतनी अपार सफलता कैसे मिल गई. इन्हीं सवालों का जवाब गुरुवार को भारतीय महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने अंदाज में दिया.

भारत के पूर्व कप्तान ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए स्मिथ की क्षमता को कैसे अनुकूलित किया जाता है, कैसे स्मिथ किसी भी परिस्थिति में विपक्षी टीम पर दबाव बनाने के कामयाब होते हैं, आदि. इस वीडियो में सचिन हाल ही में समाप्त हुई एशेज श्रृंखला के एक विशेष पहलू को करीब से देखते हैं। वह इस बारे में बात करते हैं कि स्मिथ ने लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट में सिर पर चोट लगने के बाद बाउंसरों का सामना करने के लिए अपनी तकनीक को कैसे समायोजित किया.

यहां देखें वीडियो:

स्मिथ के बचपन के कोच रहे ट्रेंट वुडहिल ने हाल ही में स्मिथ की तारीफ करते हुए उन्हें महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन के बाद सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बताया है. इन तारीफों के बीच वुडहिल ने स्मिथ के खेलने की तकनीक पर भी बात की. उन्होंने कहा स्मिथ अगर भारत के लिए खेल रहे होते तो उनकी तकनीक पर वहां इतनी चर्चा नहीं होती जितना कि यहां आस्ट्रेलिया में हो रही है. ईएसपीएनक्रिकइंफो ने वुडहिल के हवाले से कहा, “स्टीवन अगर भारतीय होते तो उनकी तकनीक और बल्लेबाजी से जुड़ी रणनीति को स्वीकार कर लिया जाता.”