नई दिल्ली : टीम इंडिया के पूर्व महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर संन्यास के बाद भी खेल से जुड़े हुए हैं. सचिन खेल जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम में भी भाग लेते हैं. उन्होंने हाल ही में एक प्रोग्राम में हिस्सा लिया. इस दौरान सचिन ने कहा कि भारत खेलों को पसंद करने वाला देश है लेकिन उन्होंने कहा कि इसे ‘खेल खेलने वाला’ देश बनना चाहिए. सचिन ने बच्चों को लाइफस्टाइल का भी जिक्र किया और कहा कि बदलाव की जरूरत है.

सचिन ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए लाइफस्टाइल में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया ताकि भारत एक स्वस्थ देश बन सके. उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां एक संदेश देना चाहूंगा कि मैं हमेशा कहता रहता हूं कि भारत को युवा और फिट होना चाहिए. हमारा देश युवाओं का देश है, जब आप देश के लोगों की औसत उम्र देखते हो तो भारत को युवाओं का देश कहा जाता है.’’

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तेंदुलकर ने कहा, ‘‘लेकिन मुझे नहीं लगता कि भारत फिट या स्वस्थ देश है क्योंकि अगर ऐसा होता तो हम मधुमेह बीमारी के मामले में आगे नहीं होते. हम इस मामले में दुनिया में सबसे आगे हैं, जहां तक मोटापे का संबंध है तो हम तीसरे नंबर पर हैं इसलिये हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की जरूरत है.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘हमारा देश खेलों को पसंद करता है और इसलिये अहम है कि हम खेलों को खेलने वाला देश भी बने और इसके लिये अगर इस तरह की सुविधायें आती हैं तो बच्चों को ही नहीं बल्कि उनके माता पिता को भी अपने बच्चों के साथ समय बिताने और खेलने के लिये कहूंगा जिससे अच्छे रिश्ते भी बनेंगे. ’’