सिडनीः भारत के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने विशेष लाइसेंस करार के तहत कथित तौर पर उन्हें 20 लाख डालर (करीब 21 करोड़ रुपये) का भुगतान करने में विफल रहने पर आस्ट्रेलिया की खेल सामान बनाने वाले कंपनी के खिलाफ मामला दायर किया है. तेंदुलकर के वकीलों ने बताया कि उन्होंने स्पार्टन खेल समूह के साथ 2016 में वैश्विक एक्सक्लूसिव प्रायोजन करार किया था. इस करार के तहत कंपनी के खेल सामान और खेल पोशाक का प्रचार किया जाना था. Also Read - IPL 2020: किंग्स इलेवन पंजाब के इस फैसले से हैरान हैं सचिन तेंदुलकर, बोले- इस खिलाड़ी को बाहर क्यों रखा?

सिडनी की फेडरल सर्किट अदालत में दायर मामले में आरोप लगाया गया है कि स्पार्टन इस क्रिकेटर को रायल्टी और विज्ञापन फीस का भुगतान करने में नाकाम रहा और करार रद्द किए जाने के बाद भी तेंदुलकर के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करता रहा. सिडनी की कानूनी फर्म गिल्बर्ट एंड टोबिन ने बयान में कहा कि क्रिकेट के बल्लों और अन्य सामान पर तेंदुलकर के नाम और तस्वीर के इस्तेमाल की स्वीकृति देने के अलावा इस क्रिकेटर ने मुंबई और लंदन में कंपनी के प्रचार कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया. Also Read - सारा तेंदुलकर ने इस क्रिकेटर के लिए इंस्ट्रग्राम पर बनाया दिल की इमोजी... फिर क्या... फैन्स हुए बेकाबू

गिल्बर्ट एंड टोबिन में साझेदार सियाबोन सीट ने कहा कि तेंदुलकर स्पार्टन और उसके निदेशकों के खिलाफ करार के उल्लंघन, धोखाधड़ी और कपटपूर्ण व्यवहार के लिए भारी भरकम हर्जाने का दावा कर रहे हैं. बयान में हर्जाने की राशि का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन आस्ट्रेलियाई मीडिया की खबरों के अनुसार पिछले वर्ष दिवालियापन की प्रक्रिया का हिस्सा बनने वाला स्पार्टन दो साल के करार के तहत 20 लाख अमेरिका डालर का भुगतान करने में नाकाम रहा. Also Read - गूगल ने सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा को बताया इस क्रिकेटर की पत्नी, जानिए बड़ा मजेदार है यह मामला