मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को टीम इंडिया के नए खिलाड़ियों में हनुमा विहारी ने अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया है.

आंकड़े नहीं आपका योगदान मायने रखते हैं

तेंदुलकर ने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट में आपको अलग तरह से खेलना होता है. यहां असली कौशल की परीक्षा गेंदबाजों के अनुकूल पिच पर होती है और हनुमा विहारी ने ऐसी परिस्थितियों में आदर्श मानसिकता दिखाई है.’

हनुमा ने अपने छोटे से करियर में अब तक 6 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 45.60 की औसत से कुल 456 रन बनाए हैं. इस दौरान हनुमा के बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक निकले हैं. उनका बेस्ट स्कोर 111 रन रहा है.

बकौल सचिन, ‘ हनुमा विहारी सही समय पर सही शॉट खेलते हैं. मैं उनकी एकाग्रता और मानसिकता और दबाव झेलने की क्षमता से प्रभावित हूं. टेस्ट क्रिकेट में आपको कई चीजों की परीक्षा देनी होती है अगर आप ऐसा इसमे सफल होते है तो आपकी शारीरिक हाव भाव बिल्कुल अलग तरह से होते हैं जो मैंने विहारी में देखा है.’

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तेंदुलकर ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिन की पारिकल्पना को सही दिशा में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि यह तभी सफल होगी जब पिचें खेल के अनुकूल होंगी.

उन्होंने कहा, ‘यह तभी संभव हो सकता है जब पिचों में समानता हो मतलब कि वहां गेंद और बल्ले को बराबर मौका मिले. अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह खेल को प्रभावित करेगा.’