बीसीसीआई अध्यक्ष पद पर नियुक्त होने के बाद दिए पहले आधिकारिक बयान में पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने कहा था कि उनका पहला काम प्रथम श्रेणी क्रिकेट के विकास में दिशा में काम करना होगा। अब पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने गांगुली से घरेलू टूर्नामेंट दलीप ट्रॉफी में सुधार करने की बात कही है।

तेंदुलकर का मानना है दलीप ट्रॉफी में खिलाड़ियों का ध्यान टीम से कहीं ज्यादा अपने निजी प्रदर्शन पर रहता है और गांगुली को इसमें बदलाव करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि गांगुली दलीप ट्रॉफी को देखें। ये ऐसा टूर्नामेंट है कि खिलाड़ी अपने प्रदर्शन और अगले टूर्नामेंट पर ज्यादा फोकस करते हैं और उसी के अनुसार खेलते हैं। अगर आईपीएल की नीलामी है या टी20 टूर्नामेंट या वनडे है तो खिलाड़ी उसी तरह से खेलते हैं। वो टीम के लिए नहीं खेलते। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।’’

दलीप ट्रॉफी पांच टीमों का टूर्नामेंट था लेकिन अब इसमें इंडिया ब्लू, इंडिया ग्रीन और इंडिया रेड टीमें राउंड राबिन फॉर्मेट में खेलती हैं। तेंदुलकर ने कहा, ‘‘मैं इसमें बदलाव देखना चाहता हूं क्योंकि क्रिकेट हमेशा से टीम का खेल रहा है। ये टीम भावना और एक टीम के रूप में साथ खेलने को लेकर है। इसमें निजी प्रदर्शन पर फोकस नहीं रहना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि इसे रणजी ट्रॉफी फाइनल के तुरंत बाद खेला जाना चाहिए और उन चार टीमों के बीच होना चाहिए जो सेमीफाइनल तक पहुंची हैं और पूरा सीजन साथ में खेलती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शीर्ष चार रणजी टीमों के साथ दो और टीमें इसमें हों क्योंकि ऐसी कई टीमें होंगी जिनमें प्रतिभाशाली खिलाड़ी होंगे लेकिन क्वालीफाई नहीं कर पाती। अंडर 19, अंडर 23 अलग अलग टीमों से इन खिलाड़ियों को लिया जा सकता है।’’