साल 2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेली सचिन तेंदुलकर की 98 रन की शानदार पारी हर भारतीय फैन को याद होगी लेकिन कम लोगों को ही पता होगा कि उस पारी के दौरान भारतीय दिग्गज खिंचाव की परेशानी का सामना कर रहे थे। इतना ही नहीं मास्टर ब्लास्टर ने गंभीर रूप से दस्त (डायरिया) से पीड़ित होने के बावजूद भी श्रीलंका के खिलाफ अगला मैच खेला था। तेंदुलकर ने 2003 विश्व कप में कुल 673 रन बनाए थे जो किसी भी खिलाड़ी का एक विश्व कप में सबसे अधिक रन का रिकार्ड है।

इंडिया टुडे टेलीविजन चैलन के विशेष कार्यक्रम ‘इंस्पिरेशन’ के दौरान तेंदुलकर ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के खिलाफ वो मैच मेरे करियर का एकमात्र ऐसा मुकाबला था जिसमें मैंने रनर लिया था। ये विश्व कप का मैच था और ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था। ऐसा लगा जैसे किसी ने मुझमें 500 किलोग्राम वजन बांध दिया हो। आप हमारे तत्कालीन फिजियो एंड्रयू लीपस से इस बारे में पूछ सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे शरीर में काफी दर्द था और मैं रन लेने के लिये दौड़ रहा था जो सही नहीं था। मैं मैदान पर गिर गया और मैंने उठने की कोशिश की लेकिन उठ नहीं पाया। मुझे लगा खिंचाव के कारण शरीर को काफी नुकसान होगा। मेरे पेट में समस्या थी लेकिन मैं अगले मैच में खिचांव से बचना चाहता था इसलिए मैं जरूरत से ज्यादा नमक पानी का घोल ले रहा था। ये इतना ज्यादा हो गया कि मुझे डायरिया की समस्या हो गई।’’

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तेंदुलकर से पूछा गया कि ऐसी शारीरिक स्थिति के बाद भी उन्होंने मैदान में उतरने का फैसला कैसे किया तो इस पूर्व दिग्गज ने कहा, ‘‘जब आप इस स्तर पर खेलते हैं तो उन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आपको वहां जाना होता है और खेलना पड़ता है, फिर चाहे मैं वहां खड़ा रहूं, बल्लेबाजी करूं या नहीं।’’